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    अखिलेश की आंखों को मेडिकल की जरूरत:रायबरेली में ऊंचाहार विधायक 'धुरंधर-2' पर बोले- जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी

    2 hours ago

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    रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज मैदान में चल रही श्रीराम कथा में ऊंचाहार विधायक और पूर्व मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के राजनीतिक बयानों पर भी पलटवार किया। विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य राजन महाराज द्वारा सुनाई जा रही इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए विधायक मनोज पाण्डेय ने रामकथा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में रामकथा, संस्कृति, इतिहास और संस्कार एक-दूसरे के पूरक हैं। उनके अनुसार, रामकथा के बिना भारत का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पूज्य राजन महाराज की इस विशाल कथा ने रायबरेली और आसपास के जनपदों को 'राममय' कर दिया है। पाण्डेय ने आगे कहा कि भगवान राम की मर्यादा, मां सीता का त्याग और लक्ष्मण जी का भ्रात-प्रेम व्यक्ति को जीवन जीने का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। पत्रकारों ने मनोज पाण्डेय से फिल्म 'धुरंधर-2' और अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के बारे में सवाल किया, जिसमें यादव ने इसे विपक्ष को बदनाम करने वाली फिल्म बताया था। इस पर मनोज पाण्डेय ने रामचरितमानस की चौपाई के माध्यम से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "रामचरितमानस के उत्तरकांड में बहुत स्पष्ट है कि 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी'। जिसकी जैसी दृष्टि है, वह उसी नजरिए से चीजों को देख रहा है। जैसी भावना होगी, वैसा ही दिखाई देगा।" उन्होंने आगे कहा, "अब किसी को चक्षु दोष हो जाए, तो उसका इलाज धर्म में नहीं बल्कि मेडिकल साइंस में है।" विधायक के इस बयान ने जिले के ही नहीं अपितु प्रदेश की भी राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ जहां कथा के दौरान रायबरेली पूरी तरह धार्मिक रंग में डूबी नजर आई, वहीं दूसरी ओर विधायक के 'चक्षु दोष' वाले तंज को सीधे तौर पर अखिलेश यादव के प्रति उनकी बदलती राजनीतिक दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन पुलक जी द्वारा किया गया है, जिसमें देर रात तक हजारों की संख्या में नर-नारी कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं।
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