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    अक्षय तृतीया का है वृंदावन में विशेष महत्व:बांके बिहारी के चरण दर्शन से मिलता है बद्रीनाथ धाम के दर्शन का फल, मंदिरों में किया जा रहा चंदन का लेप तैयार

    1 hour ago

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    सोमवार को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व को लेकर मंदिरों में खास तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भगवान को अर्पित किए जाने वाले चंदन की घिसाई की जा रही है। मंदिर के सेवायत कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर्व पर वर्ष में एक बार होने वाले बांके बिहारी जी के चरण दर्शन से बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बराबर की फल प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया पर्व को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी मीटिंग कर की जाने वाली व्यवस्थाओं का खाका खींचा। हरित्रयी आचार्यों की प्रगाढ़ प्रीति का प्रतीक पर्व है अक्षय तृतीया अंतरराष्ट्रीय सेवायत परिषद् के संस्थापक और बांके बिहारी मंदिर के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतिया का पर्व हरित्रयी आचार्यों की प्रगाढ़ प्रीति का प्रतीक पर्व है। अब से तकरीबन 475 वर्ष पूर्व आखातीज उत्सव पर ठाकुर श्री युगल किशोर जी के सेवायत रसिकाचार्य हरिराम व्यासजी के आग्रह पर रसिक शेखर स्वामी हरिदास ने अपने आराध्य भगवान बाँके बिहारी जी महाराज के दर्शन रसिकाचार्य हित हरिवंश के आराध्य ठाकुर श्रीराधाबल्लभ लाल के स्वरूप में कराकर एक नवीन रससिक्त सेवा परिपाटी का शुभारंभ किया था। इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार प्रामाणिक प्रसंग में वर्णित है कि सन 1550 ई. के आसपास बैशाख माह में वृंदावनीय यमुना पुलिन पर हरित्रयी संतों के नाम से सुविख्यात स्वामी हरिदास, हित हरिवंश और हरिराम व्यास हरि चर्चाओं में लीन थे। उसी समय व्यासजी ने स्वामीजी से विशेष आग्रह किया कि रसिकों में एकरूपता प्रदर्शित करने के लिए आप बिहारी जी को राधावल्लभ के रूप में व हितजी राधावल्लभ लाल के दर्शन बाँके बिहारी जी के रूप में कराकर नवीन एकात्मक उपासना से लोक को परिचित कराने की कृपा करें। रसिकाग्रह के प्रति सम्मान दर्शाते हुये स्वामी हरिदास ने आखातीज पर्व पर बाँके बिहारीजी का श्रृंगार ठाकुर राधावल्लभ के स्वरूप में करते हुए अपने आराध्य के चरण दर्शनों सहित सर्वांग दर्शन संत भक्त संप्रदाय को सुलभ कराये। बिहारीजी के दर्शन राधावल्लभ के स्वरूप में करके अभिभूत हो उठे हरिवंशजी भी हर वर्ष पौषमाह में मकर संक्रांति महोत्सव के दौरान राधावल्लभजी के दर्शन बिहारीजी के चरण छुपे स्वरूप में कराने लगे। यह भी है परंपरा इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार द्वापर युग में आखातीजोत्सव के दिन ब्रजधाम में नंद यशोदा द्वारा बद्रीनाथ के दर्शन की इच्छा व्यक्त करने पर श्रीकृष्ण ने बद्रीनाथ भगवान के रूप में दर्शन देकर अपने माता-पिता की इच्छा पूर्ण की थी। इसीलिए इस पर्व पर श्रीकृष्ण के मूल स्वरूप भगवान बाँके बिहारी जी के चरण दर्शन करने से बद्रीनाथजी के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है। श्रीकृष्ण द्वारा नंद यशोदा को जिस स्थल पर बद्रीनाथ रूपी दर्शन कराए गए थे, वह स्थान आज भी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में आदि बद्रीनाथ धाम के नाम से दर्शनीय है। यह है भाव इस दिन भगवान के श्री चरणों में सृष्टि का प्रतीक चन्दन का लड़डू रखा जाता है। चरणों में चन्दन लडुआ रखने के विषय में माना जाता है कि सृष्टि शांत शीतल स्वरूपा है तथा इसका आदि एवं अन्त प्रभु के चरण कमलों से ही होता है। इसी भावना स्वरूप इस दिन चन्दन दर्शन यात्रा का भावमय आयोजन किया जाता है। भारत के अलावा अन्य देशों से भी आते हैं श्रद्धालु अक्षय तीज पर दर्शन करने के लिए भारत के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विश्व के अनेक देशों से असंख्य श्रद्धातु भक्तिभाव सहित वृन्दावन पहुंचकर आराध्य बाँके बिहारी जी के चरण - सर्वाग दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। साल में केवल अक्षय तीज के दिन ही मिलने वाले चरण - सर्वाग दर्शन की अभिलाषा लेकर आने वाले श्रद्धातुओं के लिए मंदिर प्रबंधन एवं जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, सफाई एवं पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। पर्व पर जगह जगह सेवाभावी संस्थाओं द्वारा आम भक्तों की सेवार्थ शीतलजल व शरबत की प्याऊ लगाने के साथ ही सत्तू के लड़डू का विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा। DM, SSP ने की मीटिंग जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पर्यटन थाना वृंदावन के सभागार में अक्षय तृतीया पर्व के संबंध में विभिन्न विभागों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वृन्दावन को 3 जोन तथा 11 सेक्टर में विभाजित किया गया है तथा उसी अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न स्थानों पर 10 मेडिकल टीम तथा 5 एंबुलेंस लगाए। उन्होंने कहा कि वृन्दावन परिक्रमा मार्ग को सीसीटीवी कैमरों एवं पी ए सिस्टम से लैस किया जाए। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैरियर, बैरिकेडिंग, साफ सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था आदि सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने नगर निगम को दिशा सूचक चिन्ह, साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के दृष्टिगत जगह जगह पर पंखे एवं कूलर लगाए जाए। अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों को तैयारी रखने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए तथा घाटों के आस-पास सफाई सुनिश्चित करें। यह रहे मौजूद बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, एस पी सिटी राजीव कुमार सिंह, एस पी यातायात मनोज कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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