Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री बनते, तो भारत की स्थित अलग होती : भगवंत मान

    3 hours from now

    1

    0

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर हुसैनीवाला पहुँचकर महान क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों के 'रंगला पंजाब' (जीवंत पंजाब) के निर्माण के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।मान ने देश के महानतम क्रांतिकारियों की विरासत का आह्वान किया और केंद्र द्वारा इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न से ‘‘लगातार वंचित रखे जाने’’ पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहीदी दिवस पर इन क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कहा कि यदि ऐसे साहसी, युवा-प्रेरित नेतृत्व ने भारत के शुरुआती वर्षों को आकार दिया होता और देश की बागडोर ऐसे ही युवाओं को सौंपी गई होती तो भारत की स्थिति पूरी तरह से अलग होती।मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक स्थल पर 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 'हुसैनीवाला हेरिटेज कॉम्प्लेक्स' की आधारशिला रखी। केंद्र सरकार की 'भारत दर्शन योजना' के तहत वित्त पोषित यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को क्रांतिकारी इतिहास से जोड़ने का काम करेगा।मुख्यमंत्री ने बाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘देश के कुछ स्वार्थी नेताओं ने तो जीवित रहते हुए ही अपने नाम पर स्टेडियम बनवा लिए हैं। लेकिन उन्होंने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीर शहीदों को सम्मानित करने के लिए कुछ खास नहीं किया, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में ही अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन आजादी के बाद, दूसरों ने सत्ता के गलियारों पर कब्जा कर लिया और उस आजादी का श्रेय ले लिया जिसके लिए उन्होंने लड़ाई नहीं लड़ी थी।’’ मान ने कहा कि उनकी सरकार को मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है लेखक ने बस मामूली शाब्दिक और व्याकरण से संबंधित बदलाव किए हैं- 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Assam Assembly Elections: JMM के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से कांग्रेस चिंतित, आदिवासी वोटों में बिखराव का डर
    Next Article
    West Asia Crisis | जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता, ऊर्जा सुरक्षा पर जोर | India-US Relations

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment