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    आगरा में मेयर और नगर आयुक्त के बीच तनाव:मेयर ने सीएम योगी को लिखा लेटर, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए; कार्रवाई की मांग की

    3 hours ago

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    आगरा में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अब मेयर ने नगर आयुक्त के खिलाफ पार्षदों द्वारा पारित निंदा प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजकर कार्रवाई की मांग की है। मेयर ने नगर आयुक्त पर वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सदन की अवमानना के आरोप लगाए हैं। सीएम को भेजे पत्र में मेयर ने कहा- नगर आयुक्त ने नगर निगम अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि करोड़ों रुपए के कार्य ऑफलाइन टेंडर और रेट लिस्ट के माध्यम से बिना पारदर्शिता के आवंटित किए गए। नगर आयुक्त के समर्थन में उतरे कर्मचारी जिस तरह पार्षद मेयर के समर्थन में उतर आए थे। उसी तरह से नगर निगम के कर्मचारी नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के समर्थन में आ गए। कर्मचारियों ने काली पट़्टी बांधकर काम किया। चपरासी से लेकर क्लर्क और अधिकारियों ने भी काली पट्‌टी बांधकर काम किया था। उन्होंने सोमवार को नगर निगम सदन में बैठक के दौरान नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव का विरोध किया था। मेयर ने सीएम से क्या शिकायत की पढ़िए…. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे शिकायती पत्र में मेयर ने कहा- नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सदन की अवमानना की है। इन अनियमितताओं की शिकायत शासन स्तर पर किए जाने के बाद नगर आयुक्त ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए सदन की बैठक बाधित करने का प्रयास किया। विकास कार्यों की अनदेखी से पार्षदों में आक्रोश पार्षदों में विकास कार्यों की अनदेखी और 50-50 लाख रुपए के कार्यों के प्रस्तावों पर अमल न होने को लेकर भी आक्रोश है। 15वें वित्त आयोग के प्रस्तावों पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। महापौर ने कहा- सदन की बैठक में नगर आयुक्त और उनके अधीनस्थ अधिकारी शामिल नहीं हुए, जो निगम के इतिहास का काला दिन है। मेयर ने नगर आयुक्त पर उठाया सवाल मेयर ने यह भी कहा- नगर आयुक्त लोकसभा सत्र और विधानमंडलीय समिति की बैठक का हवाला देकर सदन टालने की बात कर रहे हैं। जबकि 21 जुलाई 2023 को भी सदन की बैठक हुई थी, तब लोकसभा का मानसून सत्र चल रहा था। मेयर के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानमंडल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति (2025-26) के आगमन पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को केवल खानपान आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी थी। नगर आयुक्त का क्या है कहना? वहीं, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा- कार्यालय से बैठक को लेकर कोई लिखित निर्देश नहीं मिला। 13 मार्च को बजट बैठक कराने का प्रस्ताव पहले ही दिया जा चुका। शहर के विकास के लिए 2025-26 का बजट पास होना बेहद जरूरी है। संसद के बजट सत्र के चलते बैठक पर रोक की स्थिति थी। विशेष परिस्थितियों में ही बैठक संभव है। मेयर को पत्र भेजकर निर्देश मांगे गए, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।
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