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    5 वर्षाें में RTE में सबसे ज्यादा एडमिशन:वाराणसी में 86% बच्चों को फ्री प्रवेश मिला, मनचाहा स्कूल न मिलने पर कई ने दाखिला रुका

    4 hours ago

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    RTE यानी शिक्षा का अधिकार के तहत इस शैक्षणिक सत्र में सबसे ज्यादा एडमिशन हुए हैं। जनपद में इस बार अभी तक करीब 86% छात्र छात्राओं को फ्री एडमिशन मिल चुका है। वर्ष 2022-23 में 51% बच्चों को इस अधिकार का लाभ मिला था। 2023-24 में 54%, 2024-25 में 61%, व शैक्षणिक सत्र 2025-26 में करीब 62% बच्चों को प्रवेश मिला था। यही कारण है कि इस बार अभी तक पांच वर्षों की अपेक्षा सबसे जयादा एडमिशन हुआ है। जनपद में 8625 छात्र इसके लिए अलग अलग प्राइवेट स्कूलों में चयनित हुए थे जिसमें 7410 छात्रों को एडमिशन मिल चुका है। लाटरी के तहत इन बच्चों का चयन किया गया था। वहीं, शेष जिन बच्चों के एडमिशन अभी तक नहीं हो पाए हैं उसमें तमाम ऐसे पैरेंट्स भी हैं जिन्हें जो स्कूल एलॉट हुआ था वह पसंद नहीं आ रहा है। ऐसे में वह एडमिशन नहीं करा रहे हैं। स्कूल एडमिशन में किए बहानेबाजी तो होगी कार्रवाई दरअसल, अभी भी बीएसए के पास ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि एडमिशन को लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक बहानेबाजी कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में प्रवेश शुल्क व फीस की भी डिमांड की जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि सत्र 2026-27 निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया की जा चुकी है। किसी कारणवश किसी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया जाता है, किसी भी विद्यालय द्वारा प्रवेश से मना किया जाता है, किसी प्रकार का शुल्क मांगा जाता है, अप्रासंगिक दस्तावेजों की मांग करते अभिभावकों को किसी भी प्रकार से परेशान करना किया जाता है तो इस पर सीधे तौर पर एक्शन होगा। फीस का 10 गुना देना होगा दंड BSA ने बताया कि RTE अधिनियम की धारा-13 के अनुसार, प्रवेश के समय किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस लेना एवं बच्चों/अभिभावकों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया के अधीन करना दण्डनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर ली गई फीस का दस गुना तक जुर्माना तथा स्क्रीनिंग के मामले में प्रथम उल्लंघन पर 25,000 एवं पुनरावृत्ति पर 50,000 तक का दंड लगाया जा सकता है। बीएसए ने कहा, जिन बच्चों का प्रवेश लिया जाता है, उनका विवरण गूगल शीट पर फीड किया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिसका सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
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