Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    1 लाख इनामी संजीव के एनकाउंटर से गांव में सन्नाटा:लखनऊ में एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश; 12 साल जेल में रहा; अम्बेडकरनगर का रहने वाला

    5 hours ago

    1

    0

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजीव उर्फ संजीव (40) के मारे जाने की खबर मिलते ही उसके पैतृक अम्बेडकरनगर के गांव चककौडार में सन्नाटा पसर गया। अहिरौली थाना क्षेत्र के इस गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, संजीव ने करीब 15 वर्ष पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। गिरफ्तारी के बाद वह लगभग 12 वर्ष तक जेल में बंद रहा। जेल से रिहा होने के बाद पिछले करीब तीन वर्षों से वह गांव में रह रहा था, हालांकि उसका अधिकांश समय अयोध्या के गोसाईगंज क्षेत्र स्थित अपनी ससुराल वंदनपुर गांव में बीतता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसकी आपराधिक गतिविधियां भी वहीं से ज्यादा सक्रिय हुईं। चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था संजीव संजीव चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़े भाई सत्यजीत घोड़ा-बुग्गी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। तीसरे भाई रमेश पंजाब में मजदूरी करते हैं, जबकि सबसे छोटे भाई गांव में मीट की दुकान चलाते हैं। उसके पिता हरिराम लंबे समय से बीमार हैं और बेटे के अपराध के रास्ते पर जाने को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया संजीव अपने पीछे तीन बेटे—अमरेश (25), शिवा (19) और राज (18) तथा दो बेटियां—ब्यूटी (17) और सृष्टि (14) छोड़ गया है। एनकाउंटर की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में दिनभर होती रही चर्चा गांव के लोगों का कहना है कि संजीव लंबे समय से आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके अपराध की राह पर जाने और अंततः एसटीएफ मुठभेड़ में मारे जाने की घटना को लेकर पूरे गांव में दिनभर चर्चाएं होती रहीं। गौरतलब है कि संजीव पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। शनिवार को लखनऊ में यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बिजनौर में जीजा ने की साले की हत्या:चाकू से किया हमला, ससुराल आकर रहने को लेकर हुई थी कहासुनी
    Next Article
    हर ब्लॉक में बनेंगे 'वंदे मातरम' और 'महर्षि चरक वन:अमेठी में मेड़ों पर फलदार पौधे लगाकर किसानों की बढ़ेगी आय

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment