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    योगी सरकार का नया मिशन:सरकारी स्कूलों में अब नहीं रहेगी कोई कमी, डीएम खुद करेंगे बुनियादी सुविधाओं की मॉनिटरिंग

    3 hours ago

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    योगी सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त माहौल देने के लिए 'मिशन मोड' में काम कर रही है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की जो भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत चिह्नित कर दूर किया जाए। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब स्कूलों में संसाधनों का अभाव किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। कमियों को ढूंढ़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान स्कूलों के कायाकल्प को गति देने के लिए अब 'गैप एनालिसिस' किया जाएगा। इसका मतलब है कि हर स्कूल की जरूरतों का बारीकी से आकलन होगा और यह देखा जाएगा कि वहां किस चीज की कमी है इस कमी को दूर करने के लिए 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। जहां सरकारी बजट के अलावा और संसाधनों की जरूरत होगी, वहां कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) और अन्य विभागों की मदद ली जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा जर्जर या असुविधाजनक माहौल में पढ़ने को मजबूर न हो। प्रोजेक्ट अलंकार से संवरेंगे माध्यमिक विद्यालय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूलों की हालत सुधारने के लिए 'प्रोजेक्ट अलंकार' पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन माध्यमिक स्कूलों में मरम्मत या नए निर्माण की जरूरत है, उनका प्रस्ताव तुरंत तैयार कर विभाग को भेजा जाए। लक्ष्य यह है कि समय सीमा के भीतर सभी स्कूलों को आधुनिक और सुसज्जित बनाया जा सके, जिससे निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सके। विद्यांजलि पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता स्कूलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 'विद्यांजलि पोर्टल' का इस्तेमाल तेज करने को कहा गया है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल अपनी आवश्यकताओं (जैसे फर्नीचर, पंखे या लाइब्रेरी की जरूरत) को ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इसके बाद एनजीओ, सामाजिक संगठन और दानदाता सीधे उन जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर सकेंगे। जिला स्तर पर इसकी नियमित निगरानी होगी ताकि कार्यों में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और जवाबदेही तय हो सके।
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