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    योगी बंगाल में 35 जगह गए, 30 पर BJP आगे:CM का स्ट्राइक रेट 85%; राजनाथ का 67, केशव का 55%

    2 hours ago

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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में यूपी के नेताओं में सीएम योगी ने सबसे ज्यादा 35 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था। इनमें से 85% यानी 30 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी आगे हैं। सीएम ने असम की दो सीटों पर भी प्रचार किया था। इनमें से एक पर भाजपा और दूसरे पर सहयोगी असम गण परिषद के प्रत्याशी आगे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 सीटों पर प्रचार किया। इनमें से 4 सीटों (66%) पर भाजपा प्रत्याशी आगे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की प्रचार वाली 55% सीटों पर भाजपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं। सीएम योगी ने 5 मुद्दों पर TMC को घेरा था 1. भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न सीएम योगी ने बंगाल की बदहाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, तृणमूल के शासन में भारी तांडव हुआ। स्वरूप घोष, पलाश घोष और उत्पल दास जैसे भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को उजाड़ दिया गया। उन्होंने बंगाल की डेमोग्राफी बदलने वाले वोटबैंक के सौदागरों पर निशाना साधा और बांग्लादेश में दलित हिंदुओं की हत्या पर ममता दीदी के मौन पर सवाल उठाए। 2. बालू, जमीन और पशु माफिया के सहारे कटमनी सीएम योगी ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार में सैंड, कोल, लैंड और कैटल माफिया का मुद्दा उठाया। कहा कि ये बंगाल को चूस रहे हैं। 15 साल में TMC ने बंगाल को टेरर, माफियाराज, कटमनी और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। 3. पश्चिम बंगाल की डेमोग्राफी बदल रही सीएम योगी अपनी हर सभा में जनता से सवाल करते रहे कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। फिर ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहते कि बुआ-भतीजे बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। 4. यूपी मॉडल vs बंगाल की दुर्दशा सीएम योगी ने हर सभा में दोहराया कि 2017 से पहले यूपी का हाल भी बंगाल की तरह ही था। वे अपने भाषण में कहते, "पहले यूपी में त्योहारों पर दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था। 2017 में डबल इंजन सरकार बनी तो सब बदल गया। अब नो कर्फ्यू, नो दंगा। गुंडों-माफियाओं को बुलडोजर ने जहन्नुम भेज दिया। यूपी अब देश की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है।" 5. बंगाल के गौरवशाली इतिहास का जिक्र सीएम सभाओं में बंगाल के स्वर्णिम अतीत को याद दिलाते हुए कहते थे कि बंगाल ने देश को अध्यात्म, संस्कृति, कला और शिक्षा दी। एक समय बंगाल, भारत की जीडीपी की रीढ़ था। कांग्रेस, वामपंथ और फिर TMC ने इसे कंगाल बना दिया। 1905 के बंग-भंग विरोध और स्वदेशी आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने बंगालियों से फिर से एकजुट होने की अपील की। बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी में बसाने का भी जिक्र करते थे। योगी की सभा और रोड-शो वाली सीटों का रिजल्ट कैसे तय होता है सीएम योगी का दौरा… भाजपा प्रदेश संगठन से जुड़े लोगों के मुताबिक, सीएम का दौरा राष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन समिति के दिशा-निर्देश पर तय होता है। इसके लिए भाजपा की राज्य की इकाई, दिल्ली में पार्टी मुख्यालय की मुख्य भूमिका होती है। योगी के दौरे की डिमांड सबसे पहले भाजपा की राज्य इकाइयां करती हैं। राज्य अपनी मांग को दिल्ली पार्टी मुख्यालय भेजते हैं। यहीं से दौरे फाइनल होते हैं। इसके साथ ही चुनाव प्रबंधन समिति भी राज्यों में सीट की स्थिति, समीकरण और मुद्दों को देखते हुए स्टार प्रचारकों के दौरे तय करती है। इसकी जानकारी प्रदेश इकाई और सीएम को तीन से चार दिन पहले हर हाल में देनी होती है। कई बार अचानक भी दौरे फिक्स किए जाते हैं। सुरेश राणा के प्रभार वाले उत्तर 24 परगना में भाजपा यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा को उत्तर 24 परगना का प्रभारी बनाया गया था। यहां की 33 विधानसभाओं में 14 पर भाजपा तो 17 पर टीएमसी प्रत्याशी आगे हैं। इसके अलावा यूपी के कई वर्तमान और पूर्व विधायकों को 47 विधानसभाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें से 30 पर भाजपा आगे है। इन प्रमुख नेताओं में दयाशंकर मिश्र दयालु, राज्यमंत्री दिनेश खटिक, संजय गंगवार, पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी, सुब्रत पाठक, स्वाति सिंह, उपेंद्र तिवारी, आनंद शुक्ला, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, अरुण पाठक शामिल हैं। रविकिशन के प्रचार वाली 2 सीटों पर BJP आगे जेपीएस राठौर के प्रभार वाले मेदनीपुर में 30 पर बीजेपी आगे यूपी सरकार में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर को पश्चिम बंगाल में मेदनीपुर का प्रभार मिला था। यहां की 35 सीटों में 30 पर भाजपा प्रत्याशी आगे हैं। वे 2021 में भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रबंधन शाखा के प्रभारी रह चुके हैं। वे 2017 और 2022 के यूपी चुनाव में भी ऐसी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ब्रजेश पाठक की प्रचार वाली 2 सीटों पर भाजपा आगे योगी ने बिहार में 31 सीटों पर किया था प्रचार, 27 BJP जीती थी 6 महीने पहले बिहार चुनाव में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने 31 सभाएं व रैलियां की थीं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने किसी भी सीट पर चुनाव लड़े बगैर बिहार में महागठबंधन के पक्ष में 22 सीटों पर प्रचार किया था। रिजल्ट में यूपी सीएम भारी पड़े थे। उनकी जीत का स्ट्राइक रेट 87 प्रतिशत से अधिक है। एनडीए के 31 में से 27 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जबकि अखिलेश यादव का स्ट्राइक रेट महज 9 प्रतिशत रहा। उनके प्रचार वाली सिर्फ दो सीटों पर महागठबंधन को जीत मिली थी। पढ़ें पूरी खबर… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में केशव-बृजेश ने खाई झालमुड़ी:पूछा- अखिलेश यादव कहां हैं, दिनभर तुतहरी बजा रहे थे...उन्हें खोजना चाहिए पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। इसे देखते हुए यूपी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वाराणसी, आगरा और झांसी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और जमकर डांस किया। पूरी खबर पढ़ें…
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