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    विधायक का 5वीं पास बेटा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठा:रामपुर में CHC निरीक्षण करने पहुंचा; डॉक्टरों को हड़काया

    3 hours ago

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    रामपुर में अपना दल (एस) के स्वार सीट से विधायक शफीक अंसारी का बेटा उमैर अंसारी (22) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निरीक्षण के लिए पहुंच गया। वहां इमरजेंसी वॉर्ड में घूम-घूमकर मरीजों का हाल-चाल जाना। डॉक्टरों-स्टाफ से पूछताछ की। सीएचसी अधीक्षक के ऑफिस में पहुंचकर उनकी कुर्सी पर बैठ गया। दस्तावेज जांचे और डॉक्टरों को फटकार लगाई। हैरानी की बात ये भी है कि बिना प्रोटोकॉल के विधायक पुत्र के साथ एक दरोगा, 3 सिपाही यानी 4 पुलिसवाले तैनात रहे। निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक और अन्य स्टाफ विधायक के बेटे के सामने बेबस खड़े दिखे। विधायक का बेटा करीब एक घंटे तक सीएचसी में टशन दिखाता रहा। पूरी घटना शनिवार सुबह 11 बजे स्वार सीएचसी की है। इसका वीडियो सोमवार को सामने आया। इसके बाद सीएमओ दीपा सिंह ने जांच के आदेश देते हुए 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। एसपी ने भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। परिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उमैर अंसारी सिर्फ 5वीं पास है। उमैर की मां रेशमा परवीन स्वार नगर पालिका चेयरमैन हैं। बेटे के सीएचसी निरीक्षण को लेकर जब विधायक शफीक अंसारी से बात की गई तो उन्होंने कहा- मैं क्षेत्र से बाहर था। मुझे सीएचसी में व्यवस्थाओं की शिकायत मिली। इसलिए मैंने खुद ही बेटे को व्यवस्था की जांच करने भेजा था। उसका निरीक्षण के लिए जाना कहीं से गलत नहीं है। विधायक बेटे की निरीक्षण से जुड़ी तस्वीरें देखिए... अब पूरा मामला सिलसिलेवार… रामपुर की स्वार-टांडा विधानसभा से शफीक अहमद अंसारी विधायक हैं। उनका बड़ा बेटा उमैर अंसारी शनिवार सुबह 11 बजे स्वार स्थित सीएचसी में निरीक्षण करने पहुंचा। उमैर के साथ 4 पुलिसवालों के साथ दो समर्थक भी थे। वीडियो में दिख रहा है कि उसने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर मरीजों का हाल जाना। स्टाफ के अटेंडेंस रजिस्टर चेक किए। दवा वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। लैब संचालन और मशीनों की भी स्थिति देखी। इसके बाद उमैर सीएचसी अधीक्षक के कार्यालय में पहुंचा। विधायक के बेटे को देखते ही सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव चंदेल अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उमैर उनकी कुर्सी पर बैठ गया। वहां दस्तावेज चेक करने लगा। इस दौरान डॉ. राजीव बगल में खड़े होकर उसे दस्तावेज दिखाते हुए नजर आए। उमैर ने सीएचसी प्रभारी, डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए। सीएचसी अधीक्षक को चेतावनी दी कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। जांच के लिए बाहर न भेजा जाए। अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। उमैर ने करीब एक घंटे तक सीएचसी में विधायक पुत्र होने का रौब झाड़ा। CMO बोलीं- विधायक के बेटे को जांच का अधिकार नहीं सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने कहा- विधायक के बेटे या परिवार के किसी सदस्य को सरकारी संस्थान का निरीक्षण करने का अधिकार नहीं है। किसी अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मामले की जांच के लिए ACMO संतोष कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित कर दी गई है। किन-किन प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। टीम को 7 दिनों में रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। वहीं, एसपी सोमेंद्र मीणा ने कहा- जांच की जाएगी कि किस आदेश या किस प्रोटोकॉल के आधार पर विधायक के बेटे के साथ पुलिसकर्मी मौजूद थे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुका उमैर परिवारिक सूत्रों ने बताया कि उमैर अंसारी, बालक बाली स्कूल से 5वीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है। अभी वह कुछ नहीं करता है। न तो पार्टी की ओर से कोई पद मिला है। विधायक शफीक अंसारी के कुल 3 बच्चे हैं। उमैर सबसे बड़ा है। इसके बाद एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा हमजा अभी 6 साल का है। आजम खान के करीबी थे, बाद में रिश्ते बिगड़े विधायक शफीक अंसारी के पिता जुम्मा पल्लेदारी (मजदूरी) का काम करते थे। शफीक भी पल्लेदारी करते थे। इसी दौरान वह सपा के कद्दावर नेता आजम खान के संपर्क में आए। आजम खान से करीबी रिश्ते ने उन्हें पल्लेदारी से विधायक की कुर्सी तक पहुंचाया। पत्नी रेशमा को स्वार नगरपालिका में चेयरमैन का पद मिला। हालांकि, बाद में उनके आजम खान से रिश्ते बिगड़ गए। कोल्ड स्टोरेज भी चलाते हैं शफीक अपना दल एस जिलाध्यक्ष घनवीर ने बताया- स्वार में विधायक शफीक का निजी कोल्ड स्टोरेज है। उन्होंने बेटे उमैर को विधायक प्रतिनिधि बना रखा है। इसी आधार पर उमैर निरीक्षण करने पहुंचा था। इसके अलावा उमैर दुकानें और खेतीबाड़ी संभालता है। क्या है प्रोटोकॉल? सरकारी नियमों के मुताबिक, निरीक्षण, समीक्षा और विभागीय निर्देश देने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को है। परिवार के सदस्यों को स्वतः यह अधिकार प्राप्त नहीं होता। ऐसे में अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत माना जा रहा है। ------------------------ अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'अखिलेश का ल्यारी राज चाहिए या धुरंधर सीएम?':लखनऊ में लगीं होर्डिंग्स पर लिखा; मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली के दंगे गिनाए लखनऊ में आज रात में सड़क किनारे होर्डिंग लगा दिए गए। इन पर पूछा गया है आपको क्या चाहिए... अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम। इसमें एक तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर काला चश्मा लगाए हुए लगाई गई है। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कन्या पूजन करते हुए है। दोनों तस्वीरों के नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं और एक्शन की खबर कटिंग लगाई है। इन कटिंग्स के जरिये बताया गया है कि अखिलेश के सीएम रहते मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली आदि में दंगे हुए। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक, मुख्तार पर एक्शन की कटिंग लगी है। पूरी खबर पढ़िए…
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