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    ‘विशेष दुकान से किताबें खरीदने का दबाव न बनाए स्कूल:वाराणसी के DIOS ने कहा, मनमानी फीस के नाम पर व्यापार किया तो होगा एक्शन

    2 hours ago

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    प्राइवेट स्कूलों में कमीशन के चक्कर में बच्चों को किताब व ड्रेस अपने ही परिचित दुकान से लेने का दबाव बनाया जाता है। यही कारण है कि मनमानी दामों पर दुकानदार किताबें बेच रहे हैं। सीधा कमीशन स्कूल संचालकों को मिल रहा है। सिर्फ कापी और किताब ही नहीं बल्कि ड्रेस व जूते, मोजे तक बाहर अपने परिचित दुकानों पर खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसे लेकर DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त आदेश जारी किया है। सभी स्कूल व कालेजों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सीधे स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजर पर होगी। पैरेंट्स लगातार कर रहे हैं शिकायत दरअसल, स्कूलों की इस मनमानी की शिकायतें लगातार उच्चाधिकारियाें व शासन स्तर पर हो रही हैं। अब प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की फीस और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। स्पष्ट जारी निर्देश जारी करते हुए DIOS ने कहा है कि सभी स्ववित्त पोषित विद्यालयों में फीस निर्धारण पूरी तरह नियमों के तहत ही किया जाए और किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत सत्र 2026-27 के लिए फीस तय करते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। 2018 के आदेश का सख्ती से होगा पालन: DIOS सरकार ने स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने पर भी सख्ती दिखाई है। DIOS के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी विद्यालय यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे आदि को व्यावसायिक दृष्टि से नहीं बेच सकता और न ही अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान से खरीदारी करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह प्रावधान अधिनियम 2018 के अध्याय-2 के तहत पहले से लागू है, जिसे अब सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा। अभिभावक DIOS से करें शिकायत शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। हर साल फीस बढ़ोतरी और जबरन खरीदारी की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी स्कूलों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा हो तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग में दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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