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    विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद:DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला; लेफ्ट–VCK का भी विरोध

    1 day ago

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    तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में 'तमिल थाई वाजथु' (तमिल राज्य गीत) से पहले 'जन गण मन' और 'वंदे मातरम' बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले 2 मिनट 52 सेकेंड तक वंदे मातरम बजा। फिर 52 सेकेंड के लिए जन गण मन बजा। इसके बाद 65 सेकेंड तक तमिल राज्य गीत बजाया गया। इसपर विजय की पार्टी (TVK) ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। लेकिन डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि राज्य की परंपरा तमिल राज्य गीत को पहले और राष्ट्रगान को अंत में बजाने की रही है। विजय अब बीजेपी की विचारधारा की ओर झुक रहे हैं। सहयोगी दलों ने भी विरोध किया शपथग्रहण में तमिल राज्य गीत तीसरे नंबर पर बजने पर CPI, CPIM और VKC ने भी आलोचना की है। CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल में तमिल राज्य गीत को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। तमिलनाडु चुनावों में विजय की पार्टी 108 सीटें जीती थी। विजय की सरकार कांग्रेस, CPI, CPIM, IUML और VKC का समर्थन मिला हुआ है। वहीं, डीएमके की आईटी विंग ने विजय से पूछा कि क्या तमिल राज्य गीत को किनारे करना ही TVK के नए बदलाव का हिस्सा है। 1891 में लिखा गया तमिलनाडु का राज्य गीत 'तमिल थाई वाजथु' तमिलनाडु का राज्य गीत है। इसे 1891 में मनोन्मनीयम सुंदरम पिल्लई ने अपने नाटक 'मनोन्मनीयम' के शुरुआती भाग में तमिल देवी की स्तुति के रूप में लिखा था। बाद में एम.एस. विश्वनाथन ने इस गीत के लिए संगीत बनाया। यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि इसे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में सबसे पहले गाने की परंपरा रही है। 18 दिसंबर 2021 को DMK की तमिलनाडु सरकार ने 'तमिल थाई वाजथु' को आधिकारिक तौर पर स्टेट एंथम घोषित कर दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि इसके गायन के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को सम्मान में खड़ा होना होगा। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि 'तमिल थाई वाजथु' केवल एक प्रार्थना गीत है, न कि कोई राष्ट्रगान या राज्य गान। शपथ लेने के दौरान विजय को गवर्नर ने टोका एक्टर विजय ने तमिल में शपथ ली। विजय शपथ पत्र की निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया और केवल निर्धारित शपथ के शब्दों तक सीमित रहने के लिए कहा। इसके बाद इन्होंने लिखित शपथ पत्र पढ़ा। विजय को इस स्पीच के कारण टोका- मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी तमिल नेता की कोट-पैंट में शपथ, राहुल के साथ सेल्फी ली; 7 मोमेंट्स तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए। एक्टर से नेता बने विजय की शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र न पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- 'मैं जोसेफ विजय.....' समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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