Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    UP बोर्ड में जिला टॉपर देने वाला स्कूल:पूर्व शिक्षामंत्री बोले- 74 बच्चों से शुरू किया स्कूल, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए

    3 hours ago

    1

    0

    मैं कल्याण सिंह सरकार में शिक्षा मंत्री रहा, मैंने देखा कि गाजियाबाद जैसे शहर में गरीब बच्चों के लिए ऐसा स्कूल नहीं है, जिसमें बच्चे अच्छी शिक्षा पा सकें। उस समय आने जाने के लिए साइकिल ही साधन होती थी। बहुत लोगों को देखा कि अपने बच्चों की फीस नहीं भर पाते। 2001 में गाजियाबाद के गोविंदपुरम में महर्षि दयानंद विद्यापीठ की स्थापना की। पहले कक्षा 6 और 9 की क्लास शुरु कीं। घर जाकर बच्चों के दाखिल किए। 74 बच्चों से शुरु हुआ। स्कूल आज कक्षा एक से लेकर 12 वीं तक 4036 इस स्कूल में पढ़ रहे हैं। यूपी बोर्ड के अंग्रेजी और हिंदी मीडियम के बच्चों ने यहां से निकलकर नाम रोशन किया। गरीब बच्चों की मदद और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में कभी समझौता नहीं किया। ये कहना है गाजियाबाद में महर्षि दयानंद विद्यापीठ के संस्थापक और पूर्व शिक्षामंत्री बालेश्वर त्यागी का। हर साल की तरह 2026 में भी इस स्कूल का एग्जाम रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा। इस स्कूल ने यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के जिला टॉपर दिए। महर्षि दयानंद विद्यापीठ के रिजल्ट पर एक नजर यूपी बोर्ड ने शुक्रवार को कक्षा 10 व 12 का बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किया। गाजियाबाद में गोविंदपुरम स्थित महर्षि दयानंद विद्यापीठ का बोर्ड परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। इसी स्कूल ने दसवीं और 12 वीं कक्षा में जिले के टॉपर दिए। दसवीं में अयान खान और 12 वीं में तिमोथी मंडल ने जिला टॉप किया। इससे पहले भी महर्षि दयानंद विद्यापीठ ने बीते वर्षों में भी जिला स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानाचार्य सीमा सेठी ने बताया कि कक्षा 10 में 316 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कक्षा-12 में 468 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम 99.78 प्रतिशत रहा। कक्षा 10 के अयान खान व कक्षा 12 के तिमोथी मंडल ने जिला टॉप करके विद्यालय का नाम रोशन किया किया। जिले की कक्षा 10 की वरीयता सूची में 8 छात्र तथा कक्षा 12 की वरीयता सूची में 5 छात्र इसी स्कूल के रहे। स्कूल के संस्थापक और पूर्व शिक्षामंत्री बालेश्वर त्यागी से बातचीत… सवाल: आप राजनीति में कब आए? जवाब: मैं जनप्रतिनिधि के रुप में 1991 में पहली बार विधायक बना। तीन बार लगातार विधायक बना। दो बार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहा। मैं कल्याण सिंह सरकार में भी मंत्री रह चुका हूं। सवाल: आपका यह स्कूल जिले में टॉप पर ही रहा है जवाब: जब हमने यह विद्यालय स्थापित किया था उस समय ही हमारा लक्ष्य था। कि जिनके पास साधन हैं वह विदेश में ही बच्चे पढ़ाते हैं। लेकिन गरीब बच्चों को देखते हुए हमने यह स्कूल खड़ा किया। जिनके बच्चों के पास पैसे की कमी है, सरकार से हमें अनुदान नहीं मिलता। उसी प्रयास में हम लगे रहते हैं। हमारा यह सबसे कम फीस का स्कूल गाजियाबाद में है। हम समाज के उन बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, गुणवत्ता के साथ शिक्षा दी जा रही है। सवाल: शिक्षामंत्री रहते समय क्या परेशानी बच्चों को लेकर देखीं? जवाब: सरकारी जो व्यवस्था है वह खराब हुई है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक बड़ी मेरिट के हैं, वह वेतन भी अधिक पाते हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में निगरानी सही नहीं है। हमने समाज के सहयोग से यह करके देखा। समाज के लोगों से मिलकर हमने यह स्कूल खड़ा किया। आज समाज में भरपूर सहयोग मिलता है। हम मंत्री रहते हुए भी देखा, कि क्या हम कोई स्कूल खड़ा कर सकते हैं। आज भी समाज में विश्व वसिनियता है कि अच्छा काम करता है तो भरपूर सहयोग करता है। आज हमार यह विद्यालय एक उदाहरण है। सवाल: आज शिक्षा की गुणवत्ता को कैसे देखते हैं? जवाब: जैसे जैसे समाज में तेजी आई है, विज्ञान बढ़ा है। थोड़े समय में बहुत परिवर्तन आए हैं। अब इस दौड़ में चल पाना बहुत मुश्किल है। जिन स्कूलों के पास अच्छे साधन नहीं होंगे उन्हें इस व्यवस्था में चलाने में कठिनाई आएंगी। सवाल: गरीब बच्चों के लिए क्या मदद करते हैं जवाब: हमारी फीस बहुत कम है। यदि बहुत गरीब हैं तो 10 प्रतिशत बच्चों की माफ करते हैं। ऐसे समाज के लोग हमारे साथ जुड़े हैं, वह बच्चों की फीस देकर सहयोग करते हैं। हमारे स्कूल को प्रतियोगी बच्चों के लिए भी मदद की जाती है। डॉक्टर, वकील ओर समाज लोग भी हमारे टॉपर बच्चों के लिए सहयोग करते हैं। पूर्व शिक्षामंत्री बालेश्वर त्यागी का राजनीतिक करियर गाजियाबाद के सैथली गांव में 5 नवंबर 1948 को जन्मे बालेश्वर त्यागी ने गाजियाबाद MMH कॉलेज से बीए और फिर एलएलबी की। 1972 में वकालत शुरु की। 1991 में पहली बार विधायक बने और कल्याण सिंह सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री, राजस्व राज्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री रहे। 1993 में दूसरी बार विधायक चुने गए। 1996 में तीसरी बार विधायक बने और राजनाथ सिंह सरकार में भी पंचायत राज मंत्री रहे। आज अपनी सादगी और और दो पहिया वाहन से चलने के साथ हमेशा AC में रहने का विरोध करते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल, बाजारों में जाम की स्थिति:हापुड़ में DM से समस्याओं के समाधान की मांग, यात्रियों को परेशानी
    Next Article
    विदेश जाने की तैयारी कर रहे युवक की मौत:देवरिया में एनएच-28 पर अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment