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    दिव्यांगों के लिए कानपुर में पुनर्वास केंद्र बन रहा:पुराने बर्न वार्ड में डेंटल लैब भी बनाई जाएगी; 18 जिलों के लोगों को मिलेगा फायदा

    1 hour ago

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    कानपुर और उसके आसपास 18 जिलों के दिव्यांग मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। शहर और आसपास के जिलों के दिव्यांगजनों के लिए उर्सला अस्पताल में जल्द ही पुनर्वास केंद्र (डिस्ट्रिक्ट डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन सेंटर) स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को शासन की टीम ने निरीक्षण के बाद मंजूरी दे दी है। केंद्र बनने से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें इलाज और सहायक उपकरणों के लिए दूसरे शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जानकारी के अनुसार, इस पुनर्वास केंद्र का निर्माण उर्सला अस्पताल के पुराने बर्न वार्ड में किया जाएगा। शासन की टीम ने इस स्थान को केंद्र के लिए उपयुक्त पाया है। जल्द ही इस वार्ड का नवीनीकरण कर इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही वार्ड को दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें एक हिस्से में विभिन्न चिकित्सा सेवाएं और दूसरे हिस्से में विशेष प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। केंद्र में एक डेंटल लैब भी बनाई जाएगी। इस केंद्र के बनने से फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, फतेहपुर, कानपुर देहात, इटावा, हमीरपुर, बांदा, राठ, जालौन, उन्नाव इत्यादि जिलों से आने वाले मरीजों को फायदा मिलेगा। शासन से आई टीम ने उर्सला में इस केंद्र को बनाने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह केंद्र कानपुर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजनों के लिए भी लाभकारी साबित होगा। यहां उन्हें कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और अन्य जरूरी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। उर्सला अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. सपन गुप्ता ने बताया कि अभी तक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार उन्हें अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा सुनने में अक्षम लोगों के लिए आधुनिक कान की मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल केंद्र को शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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