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    देवरिया में गर्भपात लापरवाही पर तीन पर मुकदमा:महिला की आंत फटी, जान बचाने को करनी पड़ी सर्जरी

    3 hours ago

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    देवरिया में एक निजी क्लिनिक में गर्भपात में कथित लापरवाही के आरोप में सदर कोतवाली पुलिस ने दो नामजद सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस क्लिनिक को पहले ही सील कर दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मुकदमा बरियारपुर थाना क्षेत्र के अहिलवार बुजुर्ग निवासी आयुष कुमार मिश्रा की तहरीर पर दर्ज किया गया है। आयुष ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी रिंकी देवी फरवरी में करीब तीन माह की गर्भवती थीं। 12 फरवरी को वह उन्हें न्यू कॉलोनी स्थित अविका क्लिनिक ले गए थे। आयुष के अनुसार, क्लिनिक में डॉक्टर और कर्मचारियों ने जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बताकर कथित तौर पर जबरन गर्भपात कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस चिकित्सकीय कारण के केवल धन उगाही के उद्देश्य से की गई थी। गर्भपात के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे महिला की आंत फट गई और उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने तत्काल उसे बीएचयू वाराणसी में भर्ती कराया, जहां आपातकालीन सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई। ऑपरेशन के दौरान कोलोस्टोमी कर पेट के बाहर से मलत्याग की व्यवस्था करनी पड़ी। बीएचयू के चिकित्सकों ने पूर्व उपचार में लापरवाही की पुष्टि की और बताया कि गलत तरीके से की गई प्रक्रिया से मरीज की जान को गंभीर खतरा हुआ। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वह क्लिनिक पहुंचा तो वहां मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों ने अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इस मामले में पुलिस ने अमित श्रीवास्तव, जितेंद्र और क्लिनिक के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और पुलिस जांच के बाद निजी क्लिनिकों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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