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    दरोगा की पत्नी ने क्यों किया सुसाइड, जांच शुरू:पोस्टमार्टम में फांसी से मौत की पुष्टि, शरीर पर चोट नहीं, फ्लैट से जुटाए सबूतों की पड़ताल

    1 hour ago

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    प्रयागराज के धूमनगंज में दरोगा जितेंद्र सिंह की पत्नी कंचन सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कंचन की मौत फांसी लगाने से होने की पुष्टि हुई है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। वहीं, घटना के बाद सील किए गए पारस ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट से फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्य भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। कंचन के मायके पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना अब पुलिस कर रही है। इसी बीच दरोगा जितेंद्र सिंह ने पुलिस लाइन में आमद करा दी है। वह इससे पहले निवा चौकी में तैनात थे और कंचन की मौत से एक दिन पहले ही उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। मौत से पहले क्या हुआ, जांच का अहम बिंदु पुलिस की विवेचना में अब सबसे अहम कड़ी कंचन की मौत से पहले का घटनाक्रम है। पुलिस मायके पक्ष के आरोपों और दरोगा के बयान को अलग-अलग बिंदुओं पर जांचेगी। इसके लिए परिवार के लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा। घटना के समय फ्लैट में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि पति-पत्नी के बीच विवाद कब और किन परिस्थितियों में हुआ था और उसके बाद कंचन कमरे में कैसे गईं। फॉरेंसिक साक्ष्य भी विवेचना में अहम घटना के बाद पारस ग्रीन अपार्टमेंट स्थित फ्लैट को सील कर दिया गया था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए थे। इन साक्ष्यों की रिपोर्ट को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के साथ विवेचना में शामिल किया जाएगा। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला था। ऐसे में पुलिस के लिए घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और घटना से पहले की परिस्थितियों से जुड़े बयान महत्वपूर्ण होंगे। पहले वादी का बयान, फिर आरोपी से पूछताछ पुलिस के मुताबिक विवेचना में सबसे पहले वादी पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद आरोपों की पड़ताल करते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। इनमें वह दोस्त भी शामिल है, जिसके पास जान देने से ठीक पहले कंचन ने मैसेज किया। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट और सीडीआर से पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कि मौत से पहले मृतका की किनसे बात हुई। माता-पिता समझाकर कानपुर गए, तो कमरा बंद कर लिया 2023 बैच के दरोगा जितेंद्र सिंह कानपुर के रहने वाले हैं। जितेंद्र ने बताया- मेरी पत्नी भी कानपुर की रहने वाली थी। प्रयागराज में पत्नी के साथ पारस ग्रीन अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल स्थित फ्लैट में रहता हूं। पिछले कुछ दिनों से हम दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था। इसको लेकर कंचन के माता-पिता कानपुर से प्रयागराज आए थे। वे लोग 3 दिन तक हम लोगों के साथ रहे और कंचन को खूब समझाया। इसके बाद शनिवार रात 8 बजे दोनों कानपुर लौट गए। उनके जाने के बाद कंचन कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। रात करीब 11:45 बजे हमारे पारिवारिक मित्र ने मुझे फोन किया। कंचन उसका डाइवोर्स का केस लड़ रही थी। उसने बताया कि कंचन फांसी लगाने जा रही हैं। मैंने दरवाजा तोड़कर पत्नी को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी। मेरी पत्नी के मोबाइल पर उसके एक दोस्त की कई मिस्ड कॉल पड़ी थीं। 10 महीने पहले हुई थी लव मैरिज पुलिस के अनुसार, दरोगा और कंचन की मुलाकात कॉलेज में परीक्षा देने के दौरान हुई थी। दरअसल, कंचन एलएलबी की परीक्षा देने जिस कॉलेज में गई थी, उसका संचालन दरोगा का परिवार करता है। यहां दोनों में बातचीत हुई और एक-दूसरे के नंबर शेयर कर लिए। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बात होने लगी। कुछ दिनों में दोस्ती अफेयर में बदल गई। इसके बाद करीब 10 महीने पहले दोनों ने लव मैरिज कर ली। 5 दिन पहले किसी बात को लेकर कंचन और दरोगा के बीच झगड़ा हो गया। बात बिगड़ी, तो दरोगा जितेंद्र ने कानपुर से कंचन के घरवालों को बुला लिया। DCP सिटी सागर जैन ने बताया- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट हो गई है, लेकिन पूरे मामले में आरोपों की सत्यता और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी बाकी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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