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    सासनी में दसलक्षण महापर्व आयोजित:श्रद्धालुओं ने दर्शन, पूजन और आराधना कर निर्वाण लाडू अर्पित किया

    55 minutes ago

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    हाथरस के सासनी में श्री 1008 पदमप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत श्री 1008 पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन, पूजन और आराधना का लाभ लिया तथा निर्वाण लाडू अर्पित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक और शांतिधारा से हुआ। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक श्रीजी का अभिषेक किया। इसके बाद भगवान पुष्पदंत की पूजा-अर्चना कर उनके गुणों का स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम, त्याग और आत्मशुद्धि के भाव अपनाने का संकल्प लिया। जैन परंपरा में तीर्थंकर भगवान के निर्वाण दिवस पर लाडू चढ़ाने का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु इस माध्यम से भगवान के मोक्षमार्ग को नमन करते हुए सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेते हैं। इसी भावना के साथ भगवान पुष्पदंत के चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। मंदिर परिसर भक्ति गीतों, धार्मिक जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर आरती की और परिवार सहित धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। वक्ताओं ने कहा कि दसलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि, संयम, त्याग और सदाचार की प्रेरणा देता है। क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मलक्षण मनुष्य को आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। इन शिक्षाओं का प्रभाव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। समापन पर भगवान की मंगल आरती की गई और सर्वजीवों के कल्याण, समाज में सुख-शांति तथा सभी के आध्यात्मिक उत्थान की कामना की गई। दसलक्षण महापर्व के दौरान मंदिर में प्रतिदिन अभिषेक, पूजन, आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिनमें समाज के लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
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