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    सहारनपुर में STF ने सी-प्राइम कैपिटल का सरगना दबोचा:क्रिप्टो के नाम पर 800 करोड़ का खेल, MT-5 ऐप से दिखाते थे फर्जी मुनाफा

    2 hours ago

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    सहारनपुर में क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 अप्रैल 2026 की शाम दिल्ली रोड स्थित कोलाबा रेस्टोरेंट में की गई, जहां से आरोपी को दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जतीन्द्र राम पुत्र जयचन्द्र निवासी यमुनानगर, हरियाणा के रूप में हुई है। वह गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना मसूरी में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था। एसटीएफ के अनुसार आरोपी एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जो “सी-प्राइम कैपिटल” नाम की फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के जरिए लोगों को निवेश का झांसा देता था। गिरोह सोशल मीडिया और सेमिनार के माध्यम से लोगों को जोड़ता था और उन्हें ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए तैयार करता था। निवेश करने वाले लोगों को एमटी-5 नामक एप पर आईडी दी जाती थी, जो भारत में अधिकृत नहीं है। इस एप के जरिए निवेशकों को फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था ताकि उनका भरोसा बना रहे और वे लगातार पैसा लगाते रहें। शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा देकर उन्हें और लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। जांच में सामने आया कि गिरोह निवेश के नाम पर रकम कैश में लेता था और उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलकर दुबई और मॉरिशस स्थित खातों में भेज देता था। वहां इस रकम को स्थानीय मुद्रा में बदलकर संपत्तियां खरीदी जाती थीं, ताकि भारत में जांच या कार्रवाई से बचा जा सके। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि इस नेटवर्क में देशभर में करीब 3500 एजेंट जुड़े हुए हैं, जिन्होंने 30 हजार से अधिक आईडी बनाकर 700 से 800 करोड़ रुपये का फंड जुटाया है। भारत में इस रकम को वैध दिखाने के लिए कई फर्जी फर्म और शेल कंपनियां भी बनाई गई थीं। एसटीएफ का कहना है कि यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी आता है। इस संबंध में प्रवर्तन एजेंसियों को सूचना भेजी जा रही है।
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