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    पीलीभीत में वन विभाग के उत्पीड़न पर ग्रामीण आक्रोशित:विधायक आवास पर किया प्रदर्शन, 19 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग

    2 hours ago

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    पीलीभीत में वन विभाग के कथित उत्पीड़न और पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित मरौरी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को क्षेत्रीय विधायक स्वामी प्रवक्तानंद के आश्रम का घेराव किया। महिलाओं के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 19 अप्रैल तक वन विभाग के दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो वे 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाद 3 मार्च को शुरू हुआ था। मरौरी गांव के बच्चे होलिका दहन के लिए जंगल से दूर खड़ंजे के पास से सूखी लकड़ियाँ इकट्ठा कर रहे थे। आरोप है कि रात करीब 8:45 बजे वन दरोगा सुमित कुमार और फॉरेस्ट गार्ड सचिन ने अपनी टीम के साथ बच्चों को पकड़ लिया। जब ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंचे, तो वन विभाग की टीम पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया गया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई और कपड़े फाड़ दिए गए। इसके अतिरिक्त, एक ग्रामीण का मोबाइल और तीन हजार रुपये छीनने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने विधायक के आश्रम पर प्रदर्शन किया प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने घायलों का मेडिकल तो कराया, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों पर अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद भी कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने विधायक के आश्रम पर प्रदर्शन किया। विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। उन्होंने बताया, “मरौरी प्रकरण को लेकर मैंने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को अवगत करा दिया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी वार्ता चल रही है। ग्रामीणों को न्याय दिलाना मेरी प्राथमिकता है।” इस प्रदर्शन में बाबूराम सागर, कुशवीर, बेनी राम, ओमप्रकाश, नंदलाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे। अब सभी की निगाहें 19 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हैं।
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