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    पीलीभीत DIOS ऑफिस घोटाला:50 करोड़ के फर्जीवाड़े में चपरासी का बड़ा खुलासा, दो क्लर्कों के नाम आए; डिजिटल सबूतों की जांच तेज

    3 hours ago

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    पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में सामने आए 50 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी ने पूछताछ के दौरान दो लिपिकों—पीयूष कुमार पाल और श्याम बाबू—के नाम सामने लाए हैं। उसके बयान के बाद पुलिस ने जांच का दायरा विभाग के अन्य कर्मचारियों तक बढ़ा दिया है। जांच अधिकारी निरीक्षक सतीश कुमार ने कोतवाली में आरोपी इल्हाम, पीयूष कुमार पाल और श्याम बाबू को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इल्हाम ने दोनों लिपिकों पर फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप लगाया, जबकि दोनों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि, पूछताछ के दौरान दोनों क्लर्क अपने बचाव में कोई ठोस जवाब नहीं दे सके और पुलिस के कई सवालों पर असहज नजर आए। ट्रांसफर के बाद बढ़ा फर्जीवाड़े का नेटवर्क जांच में सामने आया है कि श्याम बाबू का वर्ष 2018 में बरेली से पीलीभीत तबादला हुआ था। इसी के बाद वेतन बिल और टोकन जनरेशन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने रफ्तार पकड़ ली। आरोपी इल्हाम ने धोखाधड़ी के कई तरीके श्याम बाबू से ही सीखे थे। मामला अब अंदरूनी नेटवर्क और मिलीभगत की दिशा में भी जांचा जा रहा है। साइबर जांच में खंगाले गए कंप्यूटर, डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश पुलिस की साइबर सेल ने पीयूष कुमार पाल के कार्यालय स्थित कंप्यूटर की करीब एक घंटे तक गहन जांच की। इस दौरान डिजिटल लेनदेन, लॉग फाइल्स और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड खंगाले गए ताकि फर्जीवाड़े से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए जा सकें। 61 सवालों की सूची: बैंक खातों से लेकर संपत्तियों तक जांच पुलिस ने आरोपी इल्हाम को नोटिस जारी कर 61 लिखित सवालों की सूची सौंपी है। इनमें शामिल हैं— इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित रकम को जेएचएम इंफ्रा और ओरिका होम्स जैसी संपत्तियों में निवेश किया गया या नहीं। जांच का दायरा बढ़ा, कई और नाम आने की आशंका पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामले में शामिल लोगों की सूची और लंबी हो सकती है। फिलहाल संकेत हैं कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में कई और सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
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