Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ऑनलाइन गेमिंग ठगी में 50 बैंक खातों का जाल:गरीबों के नाम पर खुलवाए खाते, करोड़ों का लेनदेन उजागर

    6 hours ago

    2

    0

    बरेली पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर 50 से अधिक बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम छिपाने के लिए गिरोह ने लगभग 50 बैंक खातों का जाल बिछा रखा था। इन खातों को खुलवाने के लिए गिरोह ने गरीब लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा दिया। उनके नाम पर खाते खुलवाकर चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 'महादेव' और 'एविएटर' जैसे ऑनलाइन गेम्स के विज्ञापन चलाता था। विज्ञापन पर क्लिक करने वाले यूजर्स का डेटा सीधे गिरोह तक पहुंच जाता था। इसके बाद पीड़ितों को कॉल कर लाखों रुपये जीतने का लालच दिया जाता था। शुरुआत में 200-300 रुपये जीताकर उनका भरोसा जीता जाता था। जैसे ही लोग बड़ी रकम लगाते, गिरोह पैसा हड़पकर उनसे संपर्क तोड़ देता था। पुलिस को अब तक तीन खातों का ब्योरा मिला है, जिनमें भारी लेनदेन हुआ है। एक खाते में 86.5 लाख रुपये, दूसरे में 16 लाख रुपये और तीसरे में 6.5 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि बाकी खातों में भी इसी तरह बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है। सोमवार को पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले दो आरोपियों, सूर्यभान और विनीत को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का सरगना शिवम कुमार अभी फरार है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पिछले डेढ़ साल में इस गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और राजस्थान में 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच में पता चला कि इन मामलों में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल नंबर बरेली से संचालित हो रहा था, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस को आशंका है कि इन ऑनलाइन गेम्स को खाड़ी देशों के सर्वर से संचालित किया जा रहा था, जिससे ठगी के पैसे को ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर में हत्या के प्रयास के 4 आरोपी गिरफ्तार:इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, युवक पर रॉड से हमला किया था
    Next Article
    देवरिया में तरबूज के खेत में मिला महिला का शव:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, घटना की जांच में जुटी पुलिस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment