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    Middle East में जंग का संकट! PM Modi आज Lok Sabha में बताएंगे भारत का पूरा Action Plan

    3 hours from now

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दोपहर 2 बजे लोकसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के प्रमुख पहलुओं पर भाषण देंगे। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री द्वारा इस उभरती स्थिति पर भारत का रुख स्पष्ट करने की उम्मीद है, जिसमें राजनयिक भागीदारी, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं और वैश्विक ऊर्जा एवं व्यापार मार्गों पर इसका प्रभाव शामिल है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में व्यवधान और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह भाषण दिया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: 'Jagdeep Dhankhar ने ED के दबाव में दिया था इस्तीफा', Sanjay Raut की पुस्तक में किया गया दावापश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति के मद्देनजर, प्रधानमंत्री ने रविवार को पेट्रोलियम, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली और उर्वरक सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। सीसीएस की बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह गठित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष एक बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए। मोदी ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। सीसीएस की बैठक में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्यम और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीसीएस की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया तथा तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के उपायों पर चर्चा की गई। इसे भी पढ़ें: सियासत के शिखर पुरुष...8931 दिन सत्ता का स्वाद चखा! PM मोदी ने कितने रिकॉर्ड बना दिए?देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, सीसीएस ने खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत आम आदमी की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया। बयान के अनुसार कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, ऊर्जा, एमएसएमई, निर्यातक, जहाजरानी, ​​व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों पर अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। इसके अनुसार देश के समग्र व्यापक आर्थिक परिदृश्य और भविष्य में उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। 
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