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    मेरठ में शहीदों को नमन कर दी श्रद्धांजलि:शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पूर्व संध्या पर केंद्रीय विश्वविद्यालय, एम्स, हाईकोर्ट बेंच और IIT की मांग उठी

    2 hours ago

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    देश के महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को गांधी आश्रम, मेरठ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें डॉ. स्नेहवीर पुंडीर ने रखा। इनमें मेरठ में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना या चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स की स्थापना, हाईकोर्ट बेंच की मांग को मजबूत करने और क्षेत्र में IIT खोलने की मांग शामिल रही। इसके अलावा पब्लिक स्कूलों की बढ़ती फीस, ड्रेस और किताबों में बार-बार बदलाव पर रोक लगाने, वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने तथा छोटे राज्यों के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग बनाने जैसे प्रस्ताव भी पारित किए गए। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन मांगों को राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल कराने के लिए जल्द ही एक साझा मंच बनाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह और उनके साथियों के विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। डॉ. दुर्गेश पुंडीर ने कहा कि यह कार्यक्रम अमर शहीदों की शहादत की पूर्व संध्या पर लगातार आयोजित किया जाता रहा है, पहले इसे विश्वविद्यालय परिसर में किया जाता था, लेकिन इस बार सामूहिक निर्णय लेकर गांधी आश्रम में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी आज भी युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उन्होंने आगे कहा कि समाज का उद्देश्य है कि युवाओं के सामने सच्चे राष्ट्रीय नायकों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे भटकाव से बच सकें। शहीदों के विचारों, उनके विजन और देश के लिए उनके बलिदान को समझना आज की पीढ़ी के लिए बेहद जरूरी है। वहीं महिपाल सिंह तोमर ने कहा कि 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में प्रेरणा और जागरूकता का संचार होता है और नई पीढ़ी को यह संदेश मिलता है कि आज की आजादी शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को शहीदों के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए, तभी एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी कृष्णकुमार खन्ना, रामधीरज, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री कुलदीप उज्ज्वल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता चौधरी यशपाल सिंह, अवनीश काजला, महिपाल सिंह तोमर, मेजर हिमांशु, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपक शरण मोरल, दीपक पंवार और शुभम उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया।
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