Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मैनपुरी में 66 में से 27 जर्जर स्कूल ढहे:डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, मूल्यांकन से नीलामी फंसी

    17 hours ago

    2

    0

    जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को जिला अनुश्रवण समिति और जिला स्तरीय टास्क फोर्स की मासिक समीक्षा बैठक में जर्जर तथा क्षतिग्रस्त विद्यालयों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को तत्काल उन विद्यालयों की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए, जिनका ध्वस्तीकरण किया जाना है। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में कुल 66 जर्जर विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, लेकिन अब तक केवल 27 विद्यालयों का ही ध्वस्तीकरण और नीलामी हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि तीन बार नीलामी के प्रयास के बावजूद भवनों के अधिक मूल्यांकन (वैल्यूएशन) के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेष विद्यालयों की नीलामी कर जल्द से जल्द ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। वहीं, निपुण भारत मिशन की समीक्षा में बताया गया कि फरवरी में हुए आकलन के परिणाम मार्च में घोषित किए गए। इसमें जनपद के 510 विद्यालयों को निपुण घोषित किया गया है। इसके बावजूद, जनपद की रैंकिंग प्रदेश में 25वें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत जिलाधिकारी ने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रों को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन, फल और दूध समय पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उच्च गुणवत्ता वाले तेल और मसालों का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना की 100 प्रतिशत धनराशि विद्यालयों के खातों में भेजी जा चुकी है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में निरीक्षण बढ़ाने, छात्रों की उपस्थिति में सुधार लाने और अभिभावकों से संवाद कर बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने पर भी जोर दिया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत अधिकांश विद्यालय 19 मानकों पर खरे उतरे हैं। हालांकि, कुछ स्कूल अभी भी फर्नीचर, बाउंड्री वॉल और दिव्यांग शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित हैं। आगामी 'स्कूल चलो अभियान' को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में हर बच्चे का नामांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बुलंदशहर में 30 मार्च को बिजली आपूर्ति बाधित:यमुनापुरम, वलीपुरा उपकेंद्रों पर मरम्मत कार्य से कई क्षेत्र प्रभावित
    Next Article
    ISIS मॉड्यूल पर पूछताछ पूरी:यूपी ATS को हारिस अली ने 10 सहयोगियों के नाम का नेटवर्क बताए, रिमांड पूरी भेजा गया जेल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment