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    मजदूर के बेटे अंश यादव ने लहराया परचम:इंजीनियर बनना है सपना, कोई IAS तो कोई बनना चाहता है डॉक्टर

    1 hour ago

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    यूपी बोर्ड परीक्षा में गांव की गलियों से निकले गुड्डी के लालो ने कमाल कर दिया। बेहद मामूली परिवेश से निकलने वाले इन मेधावियों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करके यह साबित कर दिया कि सफलता मेहनत करने पर ही मिलती हैं। यही कारण है कि आने वाले इन मेधावियों ने अपनी मेहनत का डंका बजा दिया और यूपी बोर्ड में अपनी बुलंदी के झंडा गाड़ दिए। इनमें मेधावियों में किसी के पिता मजदूरी करते हैं तो कोई किसान हैं। कोई मैकेनिक है तो कोई प्राइवेट पढ़ाते हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में प्रदेश में आठवीं और जिले में पहली रैंक हासिल करने वाले विवेक यादव जहां इंजीनियर बनना चाहते हैं। वहीं जिले में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अंश यादव भी इंजीनियर ही बनना चाहते हैं। विवेक यादव के पिता जहां पर चक्की चलकर अपनी आजीविका चलाते हैं। वहीं अंश यादव के पिता मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। पर यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम ने इन मेधावियों के साथ-साथ उनके परिजनों और गुरुजनों के चेहरे पर खुशी लाने का काम किया है। अपनी सफलता से बेहद खुश अंश यादव क्या कहना है कि नियमित 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करता था और इसमें परिजनों के साथ-साथ गुरुजनों का भी सहयोग रहता था। अंश यादव के पिता मजदूरी करते हैं जबकि माता हाउसवाइफ है। यूपी बोर्ड में मिली सफलता अंश यादव के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है। शिक्षिका बनना चाहती है मेधावी अपेक्षा यादव यूपी बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल में जिले में आठवां स्थान हासिल करने वाली अपेक्षा यादव लगभग 7 से 8 घंटे की पढ़ाई करती है। अपेक्षा यादव के पिता प्राइवेट टीचर है और मां हाउसवाइफ है। अपेक्षा यादव भी शिक्षक बनना चाहती हैं। प्रीति यादव बनेगी IAS यूपी बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल में आठवीं रैंक हासिल करने वाली प्रीति यादव आगे चलकर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। प्रीति यादव का कहना है कि बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनका समाधान सिविल सेवा में जाकर ही किया जा सकता है। प्रीति यादव के पिता मैकेनिक है। जबकि मां का निधन हो चुका है। मेधावी श्रेया गुप्ता बोली सिविल सेवा में जाना मकसद यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 9 वीं रैंक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा श्रेया गुप्ता का कहना है कि सिविल सेवा में जाना मुख्य मकसद है। इसी के लिए 5 से 6 घंटे नियमित पढ़ाई करती हूं। अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को देते हुए कहा कि सभी लोगों के सहयोग से ही यह सफलता हासिल हो सकी। श्रेया गुप्ता के पिता किसान है जबकि मां गृहिणी है। मेधावी स्तुति मिश्रा बोली पिता चाहते हैं बेटी बने IAS यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट में आजमगढ़ में सातवीं रैंक हासिल करने वाली स्थिति मिश्रा अपनी सफलता से बेहद खुश है। स्तुति मिश्रा का कहना है कि मेरे साथ मेरे परिवार ने भी बहुत मेहनत किया है और विद्यालय के साथ-साथ परिजनों का बहुत सहयोग रहा है मेरा सपना टीचर बनने का है। पर मेरे पिता का सपना है कि मेरी बेटी इस बने IAS बने। स्तुति मिश्रा के पिता प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और माता हाउसवाइफ है। डॉक्टर बनेगी टॉपर श्रेया यादव यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट में आजमगढ़ में आठवीं रैंक हासिल करने वाली श्रेया यादव का सपना डॉक्टर बनने का है। अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को देते हुए श्रेया यादव ने बताया कि सभी के सहयोग से या सफलता हासिल हो सकी है नियमित 6 घंटे की पढ़ाई करने वाली श्रेया यादव अपनी सफलता से बेहद खुश है। श्रेया यादव के पिता पुलिसकर्मी हैं। जबकि मां हाउसवाइफ है।
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