Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    महोबा भाजपा जिलाध्यक्ष पर आरोप लगाने वाली महिला का यू-टर्न:बोली- मतभेद मिट गए; पहले कहा था- हमबिस्तर होने का दबाव बनाया

    7 hours ago

    1

    0

    महोबा की महिला भाजपा नेता ने जिलाध्यक्ष पर जिला उपाध्यक्ष का पद दिलाने के बदले हमबिस्तर होने का आरोप लगाया था। इसके बाद 2 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय टीम ने जांच शुरू की, तो उन्होंने अपने बयान से 3 बार यू-टर्न लिया। अब दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। दीपाली तिवारी ने 26 अप्रैल को कहा था कि भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा ने जिला उपाध्यक्ष पद के लिए अनैतिक डिमांड की। उनसे कहा- हमबिस्तर हो जाओ, उपाध्यक्ष बना देंगे। 28 अप्रैल को जांच समिति के सामने समझौता होने की बात कही। इसके कुछ देर बाद उन्होंने कहा- मेरा समझौता बस पार्टी से हुआ है, मैं अभी भी भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई चाहती हूं। वहीं 29 अप्रैल को उन्होंने फिर अपना बयान बदला, कहा कि उनका पार्टी और भाजपा जिलाध्यक्ष दोनों से समझौता हो गया है। अध्यक्ष जी से अब कोई शिकायत नहीं- दीपाली पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी का कहना है- हम लोगों के आपसी मतभेद मिट गए हैं। मेरी अध्यक्ष जी से अब कोई शिकायत नहीं है। मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है। तब मैं परेशान थीं, तभी ऐसा बयान दिया। मैं बस यही कहना चाहूंगी कि सभी लोग एकजुट होकर काम करें। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा ने दीपाली को अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा- लोगों के भ्रम फैलाने के कारण हमारा मतभेद हुआ था। अब पढ़िए पूरा मामला… 34 दिन पहले जिला मंत्री पद से इस्तीफा दिया था दीपाली सोमवार दोपहर करीब एक बजे शिकायती पत्र लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा- मैं मोहन लाल कुशवाहा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने आई हूं। दीपाली ने कहा, पार्टी में बेहतर पद न मिलने के कारण मैंने 34 दिन पहले जिला मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जिलाध्यक्ष मोहन लाल ने पार्टी की तरफ से इस्तीफे को मंजूर बताते हुए सोशल मीडिया पर लेटर शेयर किया था। जबकि शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि इस्तीफे पर कोई आधिकारिक स्वीकृति नहीं दी गई है। दीपाली ने रखी थीं 2 मांगें- दीपाली के चार बड़े आरोप… 1- पति को जेल में डालने की धमकी दी गई दीपाली तिवारी ने कहा था, मुझे धमकी दी गई कि तुम्हारे पति को झूठे मामले में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। तब मैं बोलने पर मजबूर हुई और सामने आई। मेरे पति ने भी मुझे हिम्मत दी कि मैं अपने पक्ष को सामने रखूं और न डरूं। क्योंकि सच बोलने से अन्य महिलाओं को भी अत्याचार से बचाया जा सकता है। 2- संगठन में पद के बदले आपत्तिजनक मांग दीपाली तिवारी ने कहा था कि कुछ समय पहले संगठन में एक टीम बनाई गई थी। तब कई बार निवेदन किया कि उन्हें भी टीम में शामिल कर जिला महामंत्री या जिला उपाध्यक्ष जैसा बड़ा पद दिया जाए। इस पर जिला अध्यक्ष मोहन लाल ने उन्हें बुलाया। वह अपनी बात रखने उनके पास गईं। आरोप है कि मोहन लाल ने दीपाली से कहा, ‘मैं आपको जिला उपाध्यक्ष बना दूं, तो आपको मेरे साथ लखनऊ, दिल्ली हर जगह चलना होगा। किसी को शक भी नहीं होगा। बस एक बार मेरे साथ हमबिस्तर हो जाइए। अगर आप मेरी बात मान जाएंगी, तो मैं आपको जिला पंचायत का टिकट भी दिलवा दूंगा।’ दीपाली के अनुसार, उनसे इशारों में बात की गई और कहा गया कि वह समझदार हैं, सब कुछ समझ जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर वह उनकी बात मान लें तो उन्हें पद दे दिया जाएगा। 3- जिला पंचायत टिकट का प्रस्ताव दीपाली तिवारी ने कहा था कि यह सुनकर वह स्तब्ध रह गईं। जो बात कही गई, वह अत्यंत आपत्तिजनक थी। उनसे कहा गया कि “एक बार समझौता कर लीजिए।” उन्होंने जवाब दिया कि आपके घर में भी बहन-बेटियां हैं, ऐसी बातें कैसे की जा सकती हैं। इसके बाद वह वहां से जाने लगीं। आरोप है कि जाते समय उन्हें यह भी कहा गया कि अगर वह बात मान लें तो उन्हें जिला पंचायत का टिकट भी दिलाया जा सकता है। 4- करीबी पदाधिकारी के माध्यम से दबाव दीपाली तिवारी ने कहा था कि उन्होंने 10 सालों तक संगठन में काम किया है और वह नहीं चाहती थीं कि उनकी मेहनत व्यर्थ जाए। वह लगातार काम करती रहीं और शीर्ष नेतृत्व से न्याय की उम्मीद रखती रहीं। लेकिन बाद में मोहनलाल के एक करीबी पदाधिकारी पंकज तिवारी ने उनसे कहा कि जिला अध्यक्ष की बात मान लें, तो उन्हें जिला महामंत्री बनाया जा सकता है। दीपाली ने बताया कि उन्होंने स्पष्ट रूप से इनकार किया और दोबारा ऐसी बातें न करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए और सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई, जबकि पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी से की थी जांच की मांग 26 अप्रैल को पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने एसपी से मुलाकात कर जांच करने की मांग की थी। मामले की जांच के लिए भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने दो सदस्यीय जांच टीम महोबा भेजी थी। इस टीम में महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह के साथ क्षेत्रीय महामंत्री संत विलास शिवहरे शामिल थे। टीम ने 28 अप्रैल की शाम करीब पांच घंटे तक बंद कमरे में दोनों पक्षों से बातचीत की थी। बैठक के बाद जांच समिति ने दावा किया था कि मामला सुलझ गया है। लेकिन उसके बाद भी पूर्व जिला मंत्री बार-बार अपने बयान बदलती रहीं। ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें- 'हम बिस्तर हो जाओ, उपाध्यक्ष बना देंगे': महोबा की महिला भाजपा नेता ने जिलाध्यक्ष पर लगाए आरोप, बोलीं- डरने वाली नहीं हूं महोबा के भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा पर पार्टी की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपाली ने कहा, जिलाध्यक्ष ने जिला उपाध्यक्ष का पद देने के बदले उनसे हमबिस्तर होने की अनैतिक डिमांड की है। यहां पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    मंत्रियों-विधायकों को पीछे छोड़ नए चेहरे बने पसंद:राजनाथ के बेटे को उम्मीदवार के लिए चुना; 130 सीटों पर चौंकाने वाले नाम
    Next Article
    अदाणी ग्रुप ने रिकॉर्ड समय में तैयार किया गंगा एक्सप्रेस-वे:पीएम बोले- पूर्वी यूपी के विकास का द्वार खुलेगा, सालाना 30 हजार करोड़ लॉजिस्टिक्स की बचत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment