Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    KGMU- पार्शियल नी रिप्लेसमेंट से 20 को मिली नई जिंदगी:अब बिना पूरा घुटना बदले ही मिल रही राहत, जल्द स्वस्थ हो रहे मरीज

    2 hours ago

    2

    0

    किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने घुटना प्रत्यारोपण (कम्प्लीट नी रिप्लेसमेंट) की जरूरत वाले कई मरीजों का इलाज अब “पार्शियल नी सर्जरी” के जरिए सफलतापूर्वक करना शुरू कर दिया है। इस तकनीक से मरीजों को पूरा घुटना बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ रही और वे जल्दी ठीक होकर सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। KGMU आर्थोपेडिक विभाग प्रोफेसर शैलेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी डॉक्टरों को इस तकनीक के बारे में सिखाने के लिए रविवार को आंशिक घुटना प्रत्यारोपण पर आधारित वर्कशॉप आयोजित किया गया। 100% सफलता की दर कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के घुटने का केवल एक हिस्सा खराब होता है, उनमें पूरी सर्जरी की बजाय आंशिक सर्जरी बेहतर विकल्प साबित हो रही है। KGMU के प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र यादव ने बताया कि अब तक करीब 20 पार्शियल नी सर्जरी की जा चुकी हैं और सभी मरीजों में 100% सफलता मिली है। इन मरीजों को मिली राहत मऊ की 62 वर्षीय मीनू राय पिछले चार साल से दोनों घुटनों के दर्द और चलने में परेशानी से जूझ रही थीं। कई अस्पतालों में उन्हें घुटना बदलवाने की सलाह दी गई थी, लेकिन KGMU में पार्शियल सर्जरी से उनका इलाज किया गया और अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी तरह सुल्तानपुर की 52 वर्षीय जदावती और 58 वर्षीय रामलक्ष्मी को भी घुटना प्रत्यारोपण की सलाह मिली थी, लेकिन यहां आंशिक सर्जरी के बाद उनकी परेशानी दूर हो गई। पार्शियल नी सर्जरी क्या है? यह एक आधुनिक सर्जरी तकनीक है, जिसमें घुटने के केवल खराब हिस्से को ही बदला जाता है, जबकि बाकी स्वस्थ हिस्सा सुरक्षित रखा जाता है। इससे ऑपरेशन छोटा होता है, दर्द कम होता है, रिकवरी जल्दी होती है और मरीज जल्द ही सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'फोन करो, हम बात करेंगे’, ट्रंप का ईरान को बातचीत का ऑफर... इस्लामाबाद में अराघची
    Next Article
    झूलेलाल मेले में सजी रंगीन सांस्कृतिक महफिल:जीआईसी मैदान में अंतरराष्ट्रीय मेला, झांकियां, व्यंजन और कार्यक्रम आकर्षण बने

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment