Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कार्डियोलॉजी में तीमारदारों को नहीं मिल रहा ठंडा पानी:तपिश में वाटर कूलर बने शोपीस, निदेशक बोले- आज लगेंगे 2 नए कूलर

    2 hours ago

    1

    0

    कानपुर का पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में मरीजों के साथ-साथ उनके परिजन भी परेशान हैं। दैनिक भास्कर टीम ने सोमवार को जब मौके पर हकीकत जांची, तो अस्पताल के दावों और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर नजर आया। अस्पताल के अंदर मरीजों के लिए व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, लेकिन उनके साथ आए तीमारदारों के लिए पीने का पानी बड़ी परेशानी बना हुआ है। संस्थान परिसर में लगे वाटर कूलर शोपीस साबित हो रहे हैं। इनसे ठंडा नहीं, बल्कि गर्म पानी निकल रहा है। मजबूरन प्यास से बेहाल लोग वही मटमैला और गर्म पानी पीने को विवश हैं। पंखे चले, लेकिन प्यास नहीं बुझी हृदय रोग संस्थान में कानपुर ही नहीं, बल्कि कौशांबी, कानपुर देहात और फतेहपुर जैसे दूर-दराज के जिलों से रोजाना सैकड़ों लोग अपने परिजनों का इलाज कराने आते हैं। भास्कर टीम ने देखा कि तीमारदारों के बैठने के लिए शेड और पंखों की व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन गर्म पानी की समस्या ने लोगों को परेशान कर रखा है। यहां लगे वाटर कूलर से पानी भी बहुत कम निकल रहा है। एक बोतल भरने में काफी समय लग रहा है। नल से भी पानी की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। तीमारदारों का दर्द-कोई सुनने वाला नहीं कौशांबी से आए गोपाल सिंह ने बताया, “पंखे वगैरह तो सही हैं, मगर पानी के लिए बहुत ज्यादा समस्या है। पानी ठंडा भी नहीं है और इसका स्वाद ऐसा लग रहा है जैसे सप्लाई वाले पानी में क्लोरीन ज्यादा मिला हो। पानी का टेस्ट काफी भारी है, इसलिए ठंडा पानी पीने के लिए बाहर से 20 रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है। यहां कोई ऐसा ऑफिस भी नहीं दिखता, जहां इसकी शिकायत की जा सके। सिराथू से आए अभय मौर्य, जिनके मरीज हार्ट ब्लॉकेज के कारण भर्ती हैं, उन्होंने बताया- भीषण गर्मी के बावजूद वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा है। पानी की रफ्तार इतनी धीमी है कि प्यास बुझाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं, कानपुर देहात के हसरत अली ने बताया कि तीन-तीन फ्रीजर लगे होने के बावजूद किसी भी मशीन से ठंडा पानी नहीं मिल रहा, जिससे तीमारदार तपती धूप में गर्म पानी पीने को मजबूर हैं। निदेशक बोले-आज ही लगेंगे 2 नए वाटर कूलर जब दैनिक भास्कर ने इस अव्यवस्था को लेकर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा से बात की, तो उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए अस्पताल में सभी पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। तीमारदारों के बैठने के लिए भी समुचित छाया और पंखों का इंतजाम है। पानी की समस्या पर उन्होंने बताया कि फिलहाल चार कोल्ड वाटर कूलर चल रहे हैं, लेकिन मरीजों और तीमारदारों का दबाव अधिक होने के कारण पानी ठंडा नहीं रह पा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आज ही दो नए वाटर कूलर इंस्टॉल किए जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को ठंडे पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    निशा विश्वकर्मा के परिजन को सपा देगी 5 लाख:डेलिगेशन 28 अप्रैल को कटरिया जाएगा, घटना की रिपोर्ट सौंपेगा
    Next Article
    सुल्तानपुर में भाजपा ने निकाली जन आक्रोश रैली:महिला आरक्षण पर राहुल-अखिलेश का पुतला फूंका, आंगनबाड़ी कर्मियों को गया बुलाया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment