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    कानपुर में 3 दुकानों पर चला बुलडोजर:स्थानीय लोगों ने 'चेहरा देखकर' कार्रवाई का आरोप लगाया, भड़के क्षेत्रीय

    5 hours ago

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    शहर में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन का यह अभियान निष्पक्ष होने के बजाय 'चेहरा देखकर' चलाया जा रहा है। आरोप है कि एक ही इलाके में सड़क किनारे बने कई अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों के बावजूद कार्रवाई केवल कुछ दुकानों तक सीमित रखी गई, जबकि अन्य को नजरअंदाज कर दिया गया। लालबंगला क्षेत्र में नगर निगम के दस्ते ने जेसीबी की मदद से दो दुकानों के बाहर बने अस्थायी ढांचे तोड़ दिए। इस दौरान प्रभावित दुकानदारों ने विरोध जताते हुए अधिकारियों से सवाल किया कि जब पूरे क्षेत्र में एक जैसी स्थिति है, तो कार्रवाई केवल चुनिंदा दुकानों पर ही क्यों की जा रही है। क्षेत्रीय निवासियों संतोष, राजेश सिंह, अनिल और सचिन के अनुसार, आसपास मौजूद अन्य अतिक्रमणों को छोड़ दिया गया। कुछ लोगों को पहले से सूचना देकर अपना सामान हटाने का समय भी दे दिया गया। इससे क्षेत्र के दुकानदारों में नाराजगी फैल गई है और कई लोगों ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि, पूरे लालबंगला क्षेत्र में अतिक्रमण फैला है। वहां अभियान चलाने से नगर निगम के जिम्मेदार कतराते हैं। इस संबंध में जोन 2 के कई अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके कॉल नहीं उठाए गए। वहीं, नगर निगम के एक कर्मी ने बताया कि आईजीआरएस के माध्यम से मिली शिकायत के आधार पर दो अस्थायी दुकान और एक स्थाई दुकान के बाहर फैले अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, अन्य अतिक्रमणकारियों को जल्द अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि श्यामनगर, सनिगवां, जाजमऊ केडीए, मोतीनगर, अहिरवां, जेके, तड़बगिया, तिवारीपुर, हरजिंदर नगर और रामादेवी सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारी अतिक्रमण के कारण निकलना मुश्किल है, लेकिन इन पर अधिकारियों की नजर नहीं पड़ती। आरोप है कि इन क्षेत्रों में विरोध करने पर अतिक्रमणकारी उग्र हो जाते हैं और अभद्रता व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
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