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    कानपुर में 225 करोड़ की ठगी करने वाले 6आरोपी अरेस्ट:3 गांवों में 450 म्यूल खाते खुलवाएं, फ्राड की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में कराते थे निवेश

    16 hours ago

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    शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने ठगी का नेटवर्क चला रहे 6 ठगो को अरेस्ट किया है। आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में बैठे ठगों को म्यूल अकाउंट मुहैया कराते थे। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करा कर आयी रकम को पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग के जरिए भारतीय मुद्रा में रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिससे मनीट्रेल टूट सके। NCRB पोर्टल पर 25 खातों की मिली 27 शिकायतें डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 450 म्यूल अकाउंट मिले है, जिनमें करीब 225 करोड़ की रकम आई थी। आरोपियों ने लगभग 2500 लोगों को अब तक अपना शिकार बना चुके हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के पास से मिले 25 खातों में NCRB पोर्टल में 27 शिकायतें मिली हैं। इनमें से एक श्रीराम जनसेवा केंद्र के नाम के खाते में 10 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। यह खाता शुभांशी नाम की महिला का था। पुलिस को इस खाते में 15 शिकायतें मिली है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आरोपी आसपास के गांव कुकरी, भैसऊ व कस्बा शिवराजपुर के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रलोभन देकर खाते खुलवाते थे, इसके बाद उनके बैंक दस्तावेज लेकर 5 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह ग्रामीणों को दिए जाते थे। इसके बाद ठग सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर ठगी करते थे। पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग से करेंसी बदलकर खातों मे भेजते थे रकम ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए से पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग के जरिए भारतीय मुद्रा में बदलकर विभिन्न खातों में भेजते थे, जिससे मनीट्रेल टूट जाती थी। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि NCRB पोर्टल पर शिवराजपुर थानाक्षेत्र में संदिग्ध खातों की जानकारी मिल रही थी। जिसके बाद साइबर क्राइम और शिवराजपुर पुलिस खुलासे के लिए लगाया गया था। हाईस्कूल पास निकला गिरोह का मास्टमाइंड जिसके बाद शिवराजपुर, दरियानिवाद निवासी अशरफ खान, अरौल के सेंधना निवासी सूरज कुमार कन्नौज के ठठिया, बेहटा निवासी राजन कटियार, शिवराजपुर, कुकरी निवासी राजदीप, कुकरी निवासी भीमरतन, दरियानिवादा निवासी कमल को अरेस्ट किया गया है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि गिरोह का मास्टर अशरफ हाईस्कूल पास है। जबकि सूरज इंटर, राजन, राजदीप, भीमरतन व कमल ग्रेजुएट पास हैं। डीसीपी वेस्ट के मुताबिक राजन और सूरज बकायदा ठगी की ट्रेनिंग देता था। इन राज्यों से खातों में मिली थी शिकायतें डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपियों के पास से मिले खातों में तेलगांना, बैंगलौर, ईस्ट दिल्ली, नवी मुंबई, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना मल्काजगिरी, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आउटर डिस्ट्रिक्ट, गोंडा, बिहार समस्तीपुर, तमिलनाडु, गुजरात, नासिक, नासिक रुरल, भोपाल समेत अन्य राज्यों से शिकायतें आई हैं। आरोपियों के पास से यह हुई बरामदगी पुलिस को आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक, 12 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। इन बैंकों में खुलवाया था अकाउंट –बैंक ऑफ महाराष्ट्र –पंजाब नेशनल बैंक –स्टेट बैंक ऑफ इंडिया –बैंक ऑफ बड़ौदा
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