Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कान पकड़कर उठक-बैठक करने वाले IAS का इस्तीफा:यूपी में रिंकू सिंह 8 महीने से साइडलाइन थे; कहा- सैलरी मिली, लेकिन काम नहीं

    3 hours ago

    1

    0

    यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लेटर में आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का अवसर नहीं मिल रहा था। हालांकि, इस्तीफे को उन्होंने नैतिक निर्णय बताया। रिंकू को 8 महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें फील्ड में कोई पोस्टिंग नहीं मिली थी। उस वक्त रिंकू सिंह पुवायां तहसील के SDM थे। उन्होंने खुले में शौच करने पर एक मुंशी से उठक-बैठक कराई थी। वकीलों ने इसका विरोध किया तो रिंकू नरम पड़ गए थे। इसके बाद उन्होंने खुद उठक-बैठक लगाई थी। वीडियो सामने आने के बाद इन्हें हटाया गया था। 44 साल के रिंकू सिंह राही 2021 बैच के IAS अफसर हैं। 16 साल की नौकरी बची हुई थी। बसपा शासन में 26 मार्च, 2009 को उन पर फायरिंग हुई थी। सात गोलियां लगीं, जिनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं। जिससे चेहरा बिगड़ गया था। एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई। SDM से क्यों हटाए गए थे रिंकू, पढ़िए पूरा मामला 8 महीने पहले रिंकू सिंह राही मथुरा में जॉइंट मजिस्ट्रेट थे। वहां से ट्रांसफर होकर 24 जुलाई को दोपहर 2 बजे पुवायां SDM का चार्ज संभाला था। इसी दौरान उनकी नजर परिसर के अंदर ही दीवार के पास टॉयलेट कर रहे वकील आज्ञाराम के मुंशी विजय (38 साल) पर पड़ी। उन्होंने उसे टोक दिया और शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए कहा। मुंशी ने रिंकू सिंह को जवाब दिया कि शौचालय गंदे हैं। इस पर एसडीएम बिफर गए, कहने लगे कि ये गलती तहसील कर्मचारियों की है। मौके पर ही मुंशी से उठक-बैठक लगवा दी। तहसील परिसर में वकील अपनी कुछ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उनको ये बात पता चल गई। वकील भड़क गए। उन्होंने एसडीएम को मौके पर बुलवा लिया। एसडीएम मौके पर पहुंचे और कहने लगे कि मुंशी ने गलती की है, जिस पर वकीलों ने कहा कि गलती है, तो उठक बैठक लगवाना सही नहीं है। क्या आप उठक बैठक लगा सकते हैं? इस पर उन्होंने कहा, इसमें कोई शर्म नहीं है, मैं उठक बैठक लगा सकता हूं। इसके बाद उन्होंने 5 बार उठक-बैठक लगाई। जानिए कौन हैं रिंकू सिंह राही… हाथरस के रहने वाले, पहले PCS फिर IAS बने रिंकू सिंह राही का जन्म हाथरस में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। 12वीं अच्छे अंकों से पास करने पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली, जिसकी मदद से उन्होंने जमशेदपुर के टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया। 2004 में रिंकू सिंह ने पीसीएस परीक्षा पास की। नौकरी के दौरान उन्होंने दिव्यांग कोटे से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी। 2021 में उन्हें 683वीं रैंक मिली और वे आईएएस बने। भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर 7 गोलियां मारी गई थीं पीसीएस बनने के बाद 2008 में रिंकू सिंह की पहली पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में हुई। यहां उन्होंने छात्रवृत्ति और पेंशन में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया था- जांच में मुझे पता चला था कि 100 करोड़ रुपए गबन हुआ। इसके पीछे राजनीतिक पार्टी के अलावा पूरा गैंग था। उस समय बसपा सरकार थी। 26 मार्च, 2009 को वह एक सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे, तभी उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रिंकू राही को सात गोलियां लगीं, जिनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं। उनका जबड़ा बाहर आ गया और चेहरा बिगड़ गया था। इसके साथ ही एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई। एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे, धरना दिया था इस हमले के बाद रिंकू को हायर सेंटर मेरठ ले जाया गया। करीब एक महीने सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ में भर्ती रहे। ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे। इसके बाद घोटाला के खुलासे के लिए रिंकू ने RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं, लेकिन एक साल बाद भी सूचनाएं नहीं दी गईं। 26 मार्च, 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हास्पिटल लखनऊ भेज दिया था। हालांकि बाद में उन्हें राहत मिल गई थी। ------------------ अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए...
    Click here to Read more
    Prev Article
    ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएगा:संसदीय समिति की मंजूरी; अमेरिका और इजराइल के जहाजों पर बैन रहेगा
    Next Article
    प्रयागराज में दुल्हन की तरह सज-धजकर निकले ट्रांसजेंडर्स, VIDEO:सड़क पर नाचते-गाते दिखे, एक-दूसरे को किस किया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment