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    काम का आकलन जनता करे, वही असली पैमाना:सिराथू विधायक पल्लवी पटेल बोलीं- अभी सिराथू में कई काम कराने बाकी

    1 hour ago

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    कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से अपना दल (कमेरावादी) की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने अपने कार्यकाल, विकास कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा- जनप्रतिनिधि के काम का असली मूल्यांकन जनता करती है और वही तय करती है कि प्रतिनिधि कितना सफल रहा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पिछले चार वर्षों के कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगी? जवाब: किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता ही बनाती है और वही उसका सही आकलन कर सकती है। हर जनप्रतिनिधि अपने काम को अच्छा बताता है, लेकिन मेरा मानना है कि मेरे काम का मूल्यांकन मेरे क्षेत्र की जनता ही बेहतर तरीके से कर सकती है। मैंने अपने तीन साल के कार्यकाल के कामों की एक लिखित पुस्तिका भी जनता के बीच वितरित कराई है, ताकि लोग खुद देख सकें कि किस गांव और पुरवा में क्या काम हुआ है। सवाल: अपने कार्यकाल में आपने कौन से बड़े काम कराए? जवाब: जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ विकास कार्य कराना ही नहीं होता, बल्कि जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहना भी होता है। मैंने चुनाव के समय यही वादा किया था और मैं लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही हूं। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी तक नहीं हो पाया? जवाब: विकास एक निरंतर प्रक्रिया है, इसमें कभी पूर्ण विराम नहीं लगाया जा सकता। एक काम पूरा होता है तो दूसरे की जरूरत सामने आती है। अभी भी सिराथू विधानसभा में कई काम बाकी हैं। जनता की अपेक्षाएं लगातार बनी रहती हैं और हम अपनी टीम के साथ समन्वय बनाकर हर समस्या के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। सवाल: क्या आने वाले चुनाव में आप फिर सिराथू से चुनाव लड़ेंगी? जवाब: यह निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। टिकट का फैसला नेतृत्व के हाथ में होता है कि किसे, कहां से चुनाव लड़ाना है। सवाल: पिछली बार आपने ‘बेटा नकारा हो तो बहू संभालती है’ नारे के साथ चुनाव जीता था, क्या इस बार भी कोई ऐसा नारा होगा? जवाब: मैं आज भी जनता के बीच जाकर यही कहती हूं कि आप मेरे काम का आकलन कीजिए। चाहे बेटा हो या बहू, अंत में काम ही मायने रखता है। अगर जनता को काम बेहतर लगेगा तो वह खुद फैसला करेगी।
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