Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कोई कमी नहीं आने देंगे...अमेरिका के साथ डील होते ही रूस का भारत पर तगड़ा ऐलान!

    7 hours ago

    3

    0

    अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जैसे ही भारत में एंट्री ली तो चीन से लेकर ईरान और कई यूरोपीय देशों में हलचल शुरू हो गई है। जहां ईरान ने तंज कसते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री की भारत यात्रा पर प्रतिक्रिया दी है। तो वहीं अब भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस ने ऐसा धमाका किया है जिसने अमेरिका को भी चौंका दिया है। दरअसल रूस और भारत की दोस्ती कितनी मजबूत है। दुनिया यह कई मौकों पर देख चुकी है। इसका हालिया उदाहरण ऊर्जा संकट भी है। जिस वक्त पूरी दुनिया में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उस वक्त रूस मुश्किल की इस घड़ी में भारत के साथ चट्टान की तरह खड़ा दिखाई दे रहा है। यही नहीं बल्कि कुछ महीने पहले अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बावजूद भी रूस ने दिल खोलकर यह कह दिया था कि भारत अपने हिसाब से अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। जिसने साफ कर दिया था कि भारत को जहां से फायदा होगा रूस हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा। कुछ दिन पहले ही रूस के विदेश मंत्री ने ऐलान करते हुए कहा था कि रूस भारत को तेल, गैस और कोयले की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने देगा। इसे भी पढ़ें: एशिया में Energy Crisis, Russia-China का नया दांव, क्या Petrodollar का 'गेम' होगा खत्म?एक बार फिर रूस ने भारत के लिए बहुत बड़ा ऐलान किया है। दरअसल भारत में रूस के डिप्टी चीफ मिशन रोमन ने दावा किया है कि जहां रूस भारत के लिए कच्चे तेल का भरोसेमंद सप्लायर बना हुआ है वहीं दोनों पक्ष अब भारतीय शहरों को गैस सप्लाई सीएनजी फिलिंग स्टेशन के विस्तार और नई तेल गैस और पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी के अवसरों की तलाश कर रहे हैं। दरअसल रूस की यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि पश्चिम एशिया संकट ने एनर्जी सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। रूस भारत को कच्चे तेल के सबसे बड़े सप्लायर के तौर पर अपनी स्थिति बनाए हुए हैं। दोनों देशों के बीच यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है क्योंकि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में दी छूट को बढ़ा दिया है। भारत और रूस ने हाल ही के हफ्तों में रूस से एलपीजी खरीदने के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बातचीत की है। इसके अलावा भारत अपने पूर्वी हिस्से में नए हाइड्रोकार्बन भंडारों की खोज करने पर विचार कर रहा है। इसे भी पढ़ें: मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!भारत दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री की भारत के साथ किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई। दरअसल जहां पहले ही दिन पीएम मोदी और अमेरिका के विदेश मंत्री के बीच सुरक्षा, मिडिल ईस्ट संकट, व्यापार, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और इंडोपेसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। तो वहीं भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता से भी कई बातें निकल कर सामने आई हैं। बातचीत के दौरान जयशंकर ने भारत के वैध यात्रियों को अमेरिकी वीजा मिलने में आ रही चुनौतियों को भी उठाया। इसके जवाब में रूबियों ने कहा कि सबसे पहले मैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयों के योगदान को स्वीकार करता हूं। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    खुल जाएगा होर्मुज, Iran बेच सकेगा तेल? US के साथ Nuclear Deal पर दुनिया की टिकी नजरें
    Next Article
    Leadership Crisis in Iran | अज्ञात जगह पर छिपे मोजतबा खामेनेई, संदेशवाहकों के जाल के भरोसे चल रही है सरकार, बातचीत ठप

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment