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    झांसी में PCF ने खरीद केंद्र पर नहीं पहुंचाए बोरे:विधायक ने अधिकारी को फटकारा, बोले- तुम लोग किसानों को ब्लैकमेल कर रहे हो

    5 hours ago

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    झांसी के मोठ स्थित गल्ला मंडी में सोमवार को उस समय हंगामा जैसी स्थिति बन गई, जब गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत निरीक्षण के दौरान गेहूं खरीद केंद्र पहुंचे और वहां बारदाना (बोरे) की कमी सामने आई। किसानों ने विधायक से शिकायत की कि बोरे न होने के कारण उनकी उपज खुले में पड़ी है और तौल भी नहीं हो पा रही। विधायक ने मौके पर स्थिति देखी तो नाराजगी जाहिर करते हुए सीधे पीसीएफ (प्रांतीय सहकारी संघ) के अधिकारियों को फोन मिला दिया। फोन पर उन्होंने अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि किसान परेशान हैं और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन स्तर पर वारदाना की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद मंडी में बोरे उपलब्ध न होना अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। विधायक ने चेतावनी दी कि सरकार इस मामले में बेहद सख्त है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान किसानों की उपज खुले में पड़ी मिली। जब विधायक ने कारण पूछा तो किसानों ने बताया कि खरीद केंद्र के कर्मचारी वारदाना न होने की बात कहकर तौल टाल रहे हैं। हालांकि मंडी में तीन कांटों पर खरीद प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन पर्याप्त बोरे न होने से व्यवस्था प्रभावित थी। फोन पर बातचीत के दौरान विधायक ने अधिकारी से पूछा कि मोठ मंडी में पर्याप्त बोरे क्यों नहीं भेजे जा रहे हैं। जवाब में अधिकारी ने जल्द वारदाना पहुंचाने की बात कही, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “भिजवा देंगे” से काम नहीं चलेगा और किसानों का उत्पीड़न किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब पढ़िए विधायक और अधिकारी की बातचीत… विधायक : मोठ मंडी में गांठ (बोरे) क्यों नहीं भेज रहे, बताओ? अधिकारी : भिजवा देते हैं। विधायक : “भिजवा देते हैं” नहीं, तुम लोग किसानों को ब्लैकमेल कर रहे हो? उत्पीड़न करोगे? अधिकारी : नहीं सर, ऐसा नहीं है। विधायक : मैंने प्रमुख सचिव से बात की थी, उन्होंने कहा था आज शाम तक पहुंच जाएगा। चार दिन हो गए, अभी तक बोरे नहीं हैं। विधायक : बताओ, मोठ के लिए कितनी गांठें अलॉट हैं? अधिकारी : सर, तीन-चार दिन पहले तीन गांठें भेजी गई थीं। विधायक : तीन गांठों से क्या होगा? एक दिन में खत्म हो गईं। अब और हैं या नहीं? अधिकारी : हां सर, अभी पहुंचा देता हूं। विधायक: और कहां कमी है? समथर में? अधिकारी : समथर हमारा केंद्र नहीं है और साकिन भी नहीं बना है। विधायक : साकिन बन गया है, जानकारी करो। अधिकारी : अभी आदेश नहीं आया है। विधायक : आदेश आ जाएगा, लेकिन पहले मोठ में वारदाना भिजवाओ। अधिकारी : साकिन और चिरगांव में पहले से गांठें रखी हैं। विधायक : ध्यान से सुन लो। किसी भी केंद्र पर वारदाना की कमी से तौल नहीं रुकनी चाहिए। सरकार के पास कोई कमी नहीं है। अधिकारी : सर, आगे से शिकायत का मौका नहीं दूंगा, अभी गांठें भिजवा रहा हूं।
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