Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Jammu and Kashmir Assembly में जबरदस्त हंगामा, विधानसभा अध्यक्ष भी बोले पड़े, 'गुंडागर्दी नहीं चलेगी'

    18 minutes from now

    1

    0

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र शुरू होते ही सदन सियासी टकराव का अखाड़ा बन गया। पहले ही दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जोरदार नारेबाजी की, सदन के बीचोंबीच पहुंचकर विरोध जताया और रोजगार, बिजली, दैनिक वेतनभोगियों तथा स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कर्मचारियों के मुद्दे उठाए। जवाब में सत्तापक्ष ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा उछाल दिया। शोर-शराबा इतना बढ़ा कि विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर को कड़ी चेतावनी देनी पड़ी, “गुंडागर्दी नहीं चलेगी।”सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व सदस्यों और मंत्रियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। श्रद्धांजलि की कार्यवाही समाप्त होते ही भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा समेत कई सदस्य अपनी सीटों से उठकर विरोध करने लगे और बाद में सदन के बीचोंबीच पहुंच गए। भाजपा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, दैनिक वेतनभोगियों तथा आउटसोर्सिंग के जरिये होने वाली नियुक्तियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। बिजली की बढ़ी दरों और बुनियादी सुविधाओं का सवाल भी जोर-शोर से उठाया गया।इसे भी पढ़ें: Manoj Sinha ने SMVDSB बैठक में कटरा के International Museum of Goddess की समीक्षा कीभाजपा के इस विरोध के बीच सत्ता पक्ष ने भी मोर्चा संभाल लिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायकों ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक एम.वाई. तारिगामी ने कहा कि दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। सत्ता पक्ष का तर्क रहा कि राज्य का दर्जा बहाल होना जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक और संवैधानिक स्थिति से जुड़ा प्रमुख सवाल है।हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने भी केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। सदन में एक तरफ उमर सरकार से रोजगार और जनसुविधाओं पर जवाब मांगा जा रहा था तो दूसरी तरफ राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग गूंज रही थी। नतीजा यह हुआ कि प्रश्नकाल गंभीर बहस की बजाय नारेबाजी में उलझ गया और कार्यवाही बाधित होती रही।उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को मुद्दे एक-एक करके उठाने चाहिए। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला सरकार जनता से जुड़े सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि बेरोजगार युवाओं, आउटसोर्स कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों की समस्याओं पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सत्र को जनता की समस्याओं, आकांक्षाओं और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा का अवसर बताया। लेकिन पहले ही दिन के घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज रह सकता है। रोजगार, बिजली, आरक्षण, आउटसोर्सिंग, कर्मचारियों का नियमितीकरण और राज्य का दर्जा, ये मुद्दे सदन की कार्यवाही की दिशा तय करने वाले हैं। हालांकि पहले ही दिन जिस तरह हंगामे के बीच सदन को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा जिससे संकेत मिल रहा है कि सत्र के आने वाले दिन भी हंगामेदार रहने वाले हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    BCI विवाद: Delhi High Court ने कहा- FIR और जांच के लिए BNSS के तहत मजिस्ट्रेट जाएं
    Next Article
    फैशन जगत में शोक की लहर: सुपरमॉडल Cindy Crawford के बेटे Presley Gerber का 27 साल की उम्र में निधन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment