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    जालौन में कार-ट्रक भिड़ंत, ललितपुर के 8 की मौत:पिता का शव घर पहुंचते ही बेटी बेहोश हुई, मंत्री ने परिजनों को ढांढस बंधाया

    6 hours ago

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    जालौन में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हो गए। हादसा कालपी क्षेत्र में उस समय हुआ, जब एक कार और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। सभी लोग ललितपुर जिले के महरौनी कस्बे के निवासी थे और अयोध्या से सरयू नदी में खंडित मूर्तियों का विसर्जन कर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में शोक छा गया। मृतकों के घर के आसपास के मुख्य बाजार की दुकानें बंद कर दी गईं। इस बीच राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ मृतकों के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पिता का शव पहुंचते ही बेटी बेहोश हुई इधर, जैसे ही मृतकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और माहौल गमगीन हो गया। मृतक मनोज भोड़ेले का शव देखते ही उनकी बेटी बेहोश हो गई, जिसे परिजनों ने संभाला। मृतकों में सभी एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और आपस में चाचा-भतीजे के रिश्ते में थे, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतकों में मनोज भोड़ेले (40) मंदिरों में पूजा-पाठ और कथा वाचन करते थे। वह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे और उनके एक पुत्र व एक पुत्री है। उमेश तिवारी अविवाहित थे और अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे। देशराज नामदेव इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते थे और अपने आठ भाइयों में छठे नंबर पर थे। कृष्णकांत तिवारी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में संविदा शिक्षक थे और अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे, उनकी दो पुत्रियां हैं। शशिकांत तिवारी निजी मारुति शोरूम में सेल्समैन थे और चार भाइयों में सबसे बड़े थे, उनके एक पुत्र व एक पुत्री हैं। स्वामी प्रसाद तिवारी निजी स्कूल में शिक्षक थे और उनके तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। घायलों में हरिहर तिवारी और अंशुल तिवारी शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, महरौनी कस्बे के खरवांचपुरा मोहल्ले में स्थित करीब 150 साल पुराने श्री राम जानकी मंदिर में दो साल पहले भगवान राम की प्रतिमा खंडित हो गई थी। इसके बाद नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तय किया गया। 25 अप्रैल से सहस्त्रधारा अभिषेक शुरू हुआ, 28 अप्रैल को कलश यात्रा निकाली गई और 30 अप्रैल को भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद 2 मई को 10 लोग खंडित मूर्तियों के विसर्जन के लिए अयोध्या गए थे। 3 मई को सरयू नदी में विसर्जन कर सभी लोग शाम को वापस लौटे और 4 मई की सुबह कालपी में उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। प्रशासन द्वारा घायलों का उपचार कराया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
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