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    घोटाले में फंसे प्रधान, तीन सचिव और तकनीकी सहायक:संतकबीरनगर डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए, 32.53 लाख रुपए का गबन किया

    1 hour ago

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    संतकबीरनगर के सेमरियावां ब्लॉक स्थित बढ़या माफी गांव में विकास कार्यों में बड़ी अनियमितता सामने आई है। एक शिकायत के बाद हुई टीएसी (तकनीकी लेखा परीक्षा) जांच में 32.53 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत में तैनात रहे तीन ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक और एक कंसल्टिंग इंजीनियर दोषी पाए गए हैं। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने इस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 1 लाख 64 हजार 293 रुपए का गबन किया बढ़या माफी गांव निवासी शहजाद पुत्र मोहम्मद अमीन की शिकायत पर यह जांच शुरू हुई थी। टीएसी जांच में पाया गया कि पंचम वित्त और 15वें वित्त मद से कुल 1,64,293 रुपये का गबन किया गया है। वहीं, मनरेगा योजना से 30 लाख 89 हजार 446 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। इस घोटाले में ग्राम प्रधान अर्जुन प्रसाद, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव योगेन्द्र कुमार गौड़, चन्द्र प्रकाश, शिवमूरत मौर्य के साथ-साथ तकनीकी सहायक रमेश चन्द गुप्ता और कंसल्टिंग इंजीनियर मनमोहन प्रजापति को दोषी ठहराया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया जिलाधिकारी आलोक कुमार ने ग्राम प्रधान अर्जुन प्रसाद के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उन्होंने बीडीओ सेमरियावां को निर्देश दिया है कि गांव के विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। इसके अलावा, डीपीआरओ को निर्देशित किया गया है कि दोषी ग्राम पंचायत सचिवों और कंसल्टिंग इंजीनियर के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए और गबन की गई धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। इसी तरह के एक अन्य मामले में, बघौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत पचपोखरी में भी विभिन्न परियोजनाओं में 4 लाख 25 हजार आठ रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने इस मामले में भी ग्राम प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी है। साथ ही, ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 10 परियोजनाओं में गबन का आरोप लगाया गया था इसके अलावा बीडीओ बघौली को ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव मांगा है। पचपोखरी गांव निवासी इबरार खान व आफताब आलम ने 2 दिसम्बर 2025 को ग्राम्य विकास आयुक्त को शिकायती पत्र सौपते हुए गांव की 10 परियोजनाओं पर लाखों रुपए के गबन का आरोप लगाया था। इसकी जांच जिलाधिकारी ने उपायुक्त मनरेगा डॉ प्रभात कुमार द्विवेदी और सहायक अभियन्ता अमरनाथ की संयुक्त टीम से कराया। जांच में कुल 4,02,508 रुपए के गबन की पुष्टि हुई।
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