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    घर जला तो दुल्हन विदा होकर ससुराल नहीं आई:खाली हाथ बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, लखनऊ अग्निकांड में बेबसी की 4 कहानियां...

    8 hours ago

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    ‘हम लोग शादी की तैयारी कर रहे थे। एक घंटे बाद भतीजे की बारात निकलने वाली थी। मेहमान पहुंच चुके थे। दूल्हे को सजाने की तैयारी चल रही थी। उसे उबटन लगाया जा रहा था। घर की महिलाएं गीत गा रही थीं। अचानक चीख-पुकार मचने लगी। किसी ने चिल्लाकर बताया कि बस्ती में आग लग गई है।’ यह कहते हुए लखनऊ की रानी का गला भर आया। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वह अपने भतीजे मनीष की शादी में शामिल होने आई थीं। विकासनगर में जिस वक्त 250 झोपड़ियों में आग लगी, वहीं से एक घंटे बाद बारात निकलने वाली थी, लेकिन आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया। हालांकि, परिवार के लोग बारात लेकर गए। शादी हुई, लेकिन घर न होने की वजह से दुल्हन की विदाई नहीं हो सकी। विकासनगर में आग के बाद के मंजर को समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम ग्राउंड पर पहुंची। यहां पीड़ित परिवारों के दर्द को जाना, पढ़िए रिपोर्ट… बेबसी की 3 तस्वीरें देखिए… 1. दूल्हे की शेरवानी, दुल्हन के गहने जल गए दूल्हे की मौसी रानी ने बताया कि घर में हंसी-खुशी का माहौल था। एक घंटे बाद भतीजे की बारात निकलने वाली थी, तभी आग लग गई। सिलेंडर फटना शुरू हुए तो हम लोग जान बचाकर भागे। दूल्हे की शेरवानी और सारा कपड़ा जल गया। दुल्हन के लिए शादी का जोड़ा और जेवर लेकर आए थे, वह सब राख में मिल गया। हमारे शादी वाले घर में मातम छा गया। छोटे-बड़े सभी बिलख-बिलखकर रो रहे हैं। दूर-दराज से 100 से अधिक मेहमान आए थे, वे भी जान बचाकर भागे। नई साड़ी हमने भतीजे की शादी के लिए बहुत अरमान से खरीदी थी, बस वही बची है। हमारी बहन घरों में झाड़ू-पोछा करती है। उसने बेटे की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपए उधार लिए थे। अब वह बेसुध है। हम हाथ जोड़कर सरकार से विनती करते हैं कि हमारी मदद करे। एक ओर आग से घर जल रहा था, वहीं दूसरी ओर मनीष की बारात निकली। इंदिरानगर के पानी गांव में चार घंटे बाद मधु से शादी हुई। 2. आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना, सिसकती रही नंदिनी जहां आग लगी थी, वहां से 50 मीटर की दूरी पर नंदिनी बैठी थीं। आंखों में आंसू भर सिसकियां ले रही थीं। हमने उससे बातचीत करने की कोशिश की। गुमसुम बैठी नंदिनी ने बताया कि यह मंजर उसके लिए बेहद खौफनाक है। हमारा बचपन यहीं पर गुजरा है, पहली बार ऐसी आग देखी। इस आग में हमारा सब कुछ जल गया सिर्फ अपनी जान बचा पाए हैं। जब हादसा हुआ तो घर पर सिर्फ माता-पिता थे। हम अपनी बहन के साथ काम करने चले गए थे। वहीं पर जानकारी मिली कि घर पर आग लग गई है, भागते हुए आए और यहां का मंजर देखकर होश उड़ गए। 3. मजदूरी करके 2.5 लाख रुपए जुटाए थे, सबकुछ जल गया इस आग में हमारा परिवार बर्बाद हो गया। टीवी, फ्रिज सारा सामान जल गया। हमने अपनी शादी के लिए मजदूरी कर के ढाई लाख रुपए जमा किया था और कुछ गहने बनवाए थे। नकद पैसों के साथ गहने भी जल गए। इतना कहते हुए नंदिनी की आंखों से आंसू बहने लगे। झाड़ू पोछा करके अपनी शादी के लिए यह रकम जमा की थी। हमारे सारे जरूरी कागजात जल गए। पिछली धनतेरस पे हमने गाड़ी ली थी, उसके कागज भी जल गए। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी मदद करे, कुछ भी नहीं बचा जो कपड़ा पहने हैं तन पर बस यही है। 4. 'सब कुछ जल गया, बेटे-बहू का नहीं पता' सीना पीट पीट कर रोती हुई बेसुध शमसुन्निशा को एक लड़की सहारा दे रही थी। हाथ जोड़कर रोते हुए बोलीं कि हमारा सब कुछ जल गया। 9 महीना पहले हमने बेटी की शादी किया था। आग लगने के 2 घंटे के बाद भी हमारी बहू और बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है। 17 सालों से हम रह रहे हैं आज ही अचानक आग कैसे लग गई। इसके बारे में कुछ नहीं पता। घर में झाड़ू-पोछा करके जिंदगी गुजार रहे थे, हमारे पति पहले ही खत्म हो चुके हैं। अब बेटे और बहू का सहारा था, वह भी नहीं मिल रहे। हम बर्बाद हो गए, कुछ भी नहीं बचा। 15 अप्रैल को लगी भीषण आग, 250 आशियाने उजड़ गए लखनऊ के विकासनगर में बुधवार शाम को भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद चारों तरफ गैस सिलेंडर और फ्रिज, एसी के कंप्रेसर के फटने की आवाज गूंज रही थी। आग से 40 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थी। आग लगने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 7 घंटे के संघर्ष के बाद आप पर काबू पाया। लोगों का सारा सामान जलकर राख हो गया। जिनकी झोपड़ियां जलीं, वो लोग रोते-बिलखते रहे। देर रात लोगों को अस्थाई रैन बसेरे में भेजा गया। ------------------------------- संबंधित खबरें भी पढ़िए- लखनऊ में 2 बेटियां जिंदा जलीं, 8 लाख का मुआवजा : 250 परिवार बेघर, डेढ़ लाख की गड्‌डी लिए प्रेग्नेंट महिला बोली- सब राख हो गया लखनऊ में बुधवार शाम को लगी आग में 250 से ज्यादा झोपड़ियां राख हो गईं। 2 मासूम बहनें जिंदा जल गईं। इनमें एक 2 साल तो दूसरी 2 महीने की थी। गुरुवार सुबह घटनास्थल पर सिर्फ राख और जल चुका गृहस्थी का सामान नजर आया। बेघर हुए ये लोग राख में सामान तलाश रहे थे। अलमारी, फ्रिज, बाइक जैसी चीजें राख में मिल गईं। (पूरी खबर पढ़िए)
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