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    गाजीपुर में स्कूल वैन में क्षमता से अधिक बच्चे:मुजफ्फरनगर घटना के बाद अभिभावकों ने असुरक्षित परिवहन पर चिंता जताई

    7 hours ago

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    गाजीपुर में चलती स्कूल वैन में आग लगने की घटना के बाद गाजीपुर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि कई स्कूल वैन और ऑटो में बच्चों को क्षमता से अधिक भरकर ले जाया जा रहा है। जांच के दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों को इस तरह ठूंसा जाता है जैसे वे कोई सामान हों। कई वैन में इतनी भीड़ होती है कि बच्चों को उतरते समय खींचकर बाहर निकालना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। स्कूल वाहनों का संचालन बंद, डग्गामार वाहनों पर निर्भरता बढ़ी एक प्रमुख स्कूल द्वारा अपने सभी वाहनों का संचालन बंद कर देने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। इसके चलते दूर-दराज से आने वाले छात्रों के अभिभावक अब मजबूरी में डग्गामार और अनफिट वाहनों का सहारा ले रहे हैं। सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी का आरोप अभिभावक स्वाति चौधरी ने बताया कि कई ऑटो में न तो सुरक्षा ग्रिल है और न ही गेट। इसके बावजूद छोटे बच्चों को ठूंस-ठूंसकर स्कूल भेजा जा रहा है। कई अभिभावक अब खुद ही बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए मजबूर हैं, लेकिन वे भी इस व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान रहे हैं। छात्रों ने भी जताई चिंता सेंट जॉन’स स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा ऋषिका सिंह ने बताया कि वैन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हैं और सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग नहीं होती, जिससे हमेशा डर बना रहता है। वहीं सेंट जोसेफ स्कूल के छात्र आदित्य वर्मा ने कहा कि वाहनों में ओवरलोडिंग आम बात हो गई है, जबकि नियमों का पालन नहीं किया जाता। RTO बोले—5000 स्कूलों का ऑनलाइन डेटा तैयार, होगी कार्रवाई गाजीपुर एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि जिले में 5000 से अधिक स्कूल हैं, जिनका डेटा ऑनलाइन प्रक्रिया में लिया जा रहा है। सभी स्कूलों को अपने वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी डैशबोर्ड पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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