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    एंजेल हत्याकांड- CBI ने फरार आरोपी की ‘क्राइम कुंडली’ मांगी:ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रोसेस पर आपत्ति; दून पुलिस फिर से खंगाल रही पूरा केस

    9 hours ago

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    देहरादून के एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार आरोपी को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए उसकी पूरी ‘क्राइम कुंडली’ मांगी है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ गई है, जबकि दून पुलिस अब पूरे केस को फिर से खंगालते हुए हर पहलू की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। CBI ने दून पुलिस से आरोपी यज्ञराज अवस्थी की आपराधिक भूमिका, उसकी मंशा, वारदात के दौरान की परिस्थितियां और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया, इसका 1200 से 1500 शब्दों में विस्तृत ब्योरा मांगा है। एजेंसी के सवालों के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज होने से लेकर अब तक की पूरी कार्रवाई, घटनाक्रम का क्रमवार विवरण और आरोपी की हर गतिविधि को दोबारा खंगाल रही है। अधिकारी सभी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द भारतपोल पोर्टल पर अपलोड कर आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। टाइमलाइन और केस की हर डिटेल तलब CBI सिर्फ आरोपी की भूमिका तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे केस की टाइमलाइन भी मांगी है। एजेंसी ने मुकदमा दर्ज होने का समय, घटना के दौरान की परिस्थितियां, घटनाक्रम का क्रमवार विवरण और अब तक की पुलिस कार्रवाई सहित हर पहलू का ब्योरा तलब किया है। CBI चाहती है कि सभी तथ्य स्पष्ट और सुसंगत हों, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की तलाश में किसी तरह की कमी न रह जाए। ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया अटकी 9 दिसंबर 2025 को वारदात के बाद से फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी के नेपाल भागने की आशंका के चलते दून पुलिस ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि CBI की आपत्तियों के बाद यह प्रक्रिया फिलहाल धीमी हो गई है। जब तक सभी सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलते, नोटिस जारी होने में देरी तय मानी जा रही है। 2 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला.… 1. नस्लीय टिप्पणी के बाद चाकू से हमला देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में 9 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6–7 बजे जिज्ञासा यूनिवर्सिटी के एमबीए फाइनल ईयर के छात्र ऐंजल चकमा अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ खरीदारी करने गए थे। इसी दौरान शराब के नशे में धुत कुछ युवकों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए ‘नेपाली’, ‘चाइनीज’, ‘चिंकी’ और ‘मोमोज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। माइकल के सिर पर कड़े से वार किया गया, जबकि एंजेल के गर्दन और पेट में चाकू से कई वार किए। 2. 17 दिन ICU में इलाज के बाद मौत गंभीर रूप से घायल एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां वह 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। मामले में ऐंजल के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों अविनाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज खवास, आयुष बदोनी और सुमित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी अब भी फरार है और उसकी नेपाल में लोकेशन मिली है। STF की टीमें उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। अब 5 प्वाइंट्स में जानिए घटना के बाद क्या-क्या हुआ... 1. मैं खून से लथपथ था, भाई बेहोश होकर गिर पड़ा पुलिस को शिकायत देकर ऐंजल के भाई ने बताया कि वो कुछ सामान खरीदने सेलाकुई गए थे, तभी कुछ युवक आए और उन पर कमेंट करने लगे। माइकल ने कहा, हमें 'चिंकी' और 'मोमोज' कहा। जब विरोध किया, तो मुझ पर कड़े से हमला कर दिया। भाई (एंजेल) मुझे बचाने आया, तो उसे बेरहमी से पीटा और चाकू मार दिया। मैं खून से लथपथ था और भाई बेहोश होकर गिर पड़ा था। 2. पुलिस ने पहले हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया घटना के अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया और नस्लीय टिप्पणियों की बात को नजरअंदाज किया। ऐंजल की मौत के बाद पुलिस ने धारा 307 (हत्या का प्रयास) को धारा 302 (हत्या) में बदल दिया। 3. सीएम धामी ने ऐंजल के पिता से बात की घटना की खबर फैलते ही देशभर में आक्रोश फैल गया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। सीएम धामी ने ऐंजल के पिता (जो BSF जवान हैं) से बात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि "देवभूमि में ऐसी नफरती मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है" और सख्त जांच के आदेश दिए। 4. अखिलेश और गोगोई ने नफरती मानसिकता बताया पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए SIT बनाई। इस मामले को अखिलेश यादव और गौरव गोगोई जैसे विपक्षी नेताओं ने "नफरती मानसिकता" का परिणाम बताया। परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की कि केस की सुनवाई दिल्ली में हो। 5. एसएसपी ने कहा, नस्लीय टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रारंभिक जांच और CCTV फुटेज में नस्लीय टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं, यह विवाद अचानक हुई बहस का नतीजा था। हालांकि, पीड़ित परिवार इस बात पर कायम है कि हमला 'नस्लीय घृणा' के कारण ही हुआ था। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में 8 लोगों को कार से कुचलने की कोशिश:बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी चढ़ाई गाड़ी, बीच हाईवे पर लाठी से पीटा देहरादून में बीच सड़क पर 8 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के धर्मावाला चौक की है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में करीब 43 सेकेंड तक हाईवे पर दो कारों में सवार 15 से ज्यादा युवक आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
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