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    बरेली की 'दिशा' बैठक में सांसद-विधायकों का पारा चढ़ा:बिजली, सड़क, पानी और PM आवास में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया

    2 hours ago

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    बरेली के विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बैठक में जनप्रतिनिधि अधिकारियों पर जमकर बरसे। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार और नीरज मौर्य सहित तमाम विधायकों के निशाने पर लापरवाह अधिकारी रहे। मनरेगा के बकाया भुगतान से लेकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़कों, पानी की टंकी गिरने और अवैध खनन के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सांसद नीरज मौर्य ने तो यहां तक कह दिया कि किसानों का सरेआम शोषण हो रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सांसद नीरज मौर्य ने उठाया मुद्दा: "बाकी टंकियों की भी हो जांच" ​'दिशा' की बैठक में समाजवादी पार्टी के आंवला सांसद नीरज मौर्य ने विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के सरदारनगर में पानी की टंकी के गिरने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का मामला है। सांसद ने मांग की कि जिले में हाल ही में बनी अन्य टंकियों की भी तत्काल जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। ​सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि बरेली के आलमपुर जाफराबाद में पानी की टंकी का गिरना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली है। एसडीएम आंवला ने भी मौके का मुआयना किया है। यह टंकी मात्र डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुई थी और अभी तक गांव वालों को ठीक से पानी मिलना शुरू भी नहीं हुआ था कि यह गिर गई। यह भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण है। मैंने 'दिशा' की बैठक में यह मुद्दा रखा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मैंने प्रशासन से अपील की है कि अन्य निर्माणाधीन या नई बनी टंकियों की सुरक्षा जांच की जाए ताकि कहीं और ऐसी घटना न हो। मनरेगा: 50 करोड़ का बकाया, प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने का डर बैठक की शुरुआत में ही मनरेगा का मुद्दा गरमाया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली से निर्देश था कि 1 जून से बजट आ जाएगा, लेकिन पिछले वर्ष का 50 करोड़ रुपया अब तक बकाया है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, ऐसे में वे भुगतान को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। वर्ष 2025-26 की लिस्ट में 40:60 के रेशियो वाले कामों की पक्की आईडी न बनने पर सीडीओ देवयानी ने भरोसा दिलाया कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सड़क और अंधेरा: 3 साल से बंद लाइट ने ली जान, विधायक डॉ. एमपी आर्या का फूटा गुस्सा नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्या ने बिजली विभाग और एनएचएआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नवाबगंज के भीतर से गुजरने वाली रोड पर 3 साल से लाइटें नहीं जलीं, जिसके कारण हाल ही में एक व्यक्ति की एक्सीडेंट में मौत हो गई। जब अधिकारी बहानेबाजी करने लगे, तो विधायक ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। वहीं, मधुनगला से फतेहगंज तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़क एक साल में ही टूटने पर सांसद छत्रपाल गंगवार ने भी गहरी नाराजगी जताई। पुलिया इतनी संकरी कि सांसद खुद फंसे, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की सुस्त चाल आंवला सांसद नीरज मौर्य ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 730-B रोड (बरेली-भुता-बीसलपुर मार्ग) पर पुलिया इतनी संकरी है कि वे खुद वहां काफी देर तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने आंवला-भमोरा मार्ग को सही करने की मांग की, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने रेलवे की अनुमति न होने का बहाना बनाया। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने बदायूं रोड के सुस्त काम पर एनएचएआई की क्लास ली। भ्रष्टाचार: 'बिना पैसे नहीं मिल रहा पीएम आवास', जांच रिपोर्ट पर भी उठे सवाल पीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान सांसद नीरज मौर्य ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 65 हजार लोगों का सर्वे हुआ, लेकिन सच्चाई यह है कि बिना पैसे लिए किसी को आवास नहीं मिल रहा है। सांसद नीरज मौर्या ने बहेड़ी-फरीदपुर रोड की दुर्दशा पर कहा कि भारत सरकार की जांच टीम आई और चली गई, लेकिन उन्हें पत्र का जवाब तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग सभी सड़कों का बुरा हाल है। पुलिस और खनन विभाग: लेखपाल और दरोगा कर रहे किसानों का शोषण मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और सांसद नीरज मौर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परमिशन होने के बावजूद दरोगा और लेखपाल किसानों को परेशान करते हैं और उन्हें थाने ले जाकर शोषण किया जाता है। खनन विभाग की लापरवाही से सड़कें टूट रही हैं और किसानों को मिट्टी का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम और एसएचओ को निर्देश जारी करने की बात कही। अमृत पार्क और कस्तूरबा विद्यालय: जनहित के मुद्दों पर जोर बैठक में हार्टमैन स्थित अमृत योजना पार्क को ठीक करने, कस्तूरबा विद्यालयों में सोलर पैनल और गीजर लगाने और बंद पड़ी कैंसर यूनिटों को पुनः संचालित करने की अपील की गई। ब्लॉक प्रमुखों ने सामुदायिक शौचालयों में ताले लटके होने की शिकायत की। डीएम ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनप्रतिनिधियों के फोन उठाए जाएं और समस्याओं का तत्काल समाधान हो। बैठक में ये रहे मौजूद वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, सांसद नीरज मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, सीडीओ देवयानी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी।
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