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    भाजपा के गढ़ सदर में 67 हजार वोटर्स हुए कम:देवरिया में मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरा, 2.88 लाख नाम घटे; राजनीतिक समीकरणों पर असर

    7 hours ago

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    देवरिया के सातों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 संपन्न हो गया है। 166 दिनों तक चले इस अभियान के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की गई। इसमें जिले में कुल 21,20,171 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जो पिछले आंकड़ों से काफी कम हैं। इस बड़े बदलाव को आगामी चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुनरीक्षण में सबसे अधिक कमी देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज की गई है, जहां 67,128 मतदाता कम हुए हैं। यह क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके बाद सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में 51,365 मतदाताओं की कमी आई है, जो मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम का निर्वाचन क्षेत्र है। सबसे कम कमी पथरदेवा विधानसभा में हुई है, जहां 28,641 मतदाता घटे हैं। यह प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का क्षेत्र है। पुनरीक्षण से पहले जिले में कुल 24,09,009 मतदाता थे। 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 19,92,856 रह गई थी। अंतिम सूची जारी होने तक कुछ नए मतदाताओं के जुड़ने के बाद कुल संख्या 21,20,171 हो गई। इस प्रकार, जिले में कुल 2,88,338 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। प्रशासन के अनुसार, मतदाताओं की संख्या में इस कमी का मुख्य कारण डुप्लीकेट नामों को हटाना, गैर-निवासी मतदाताओं का विलोपन और मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाना है। हालांकि, नए मतदाताओं के जुड़ने से संख्या में आंशिक संतुलन बना है। अंतिम प्रकाशित सूची के अनुसार, विधानसभावार मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है: रुद्रपुर में 2,93,749, देवरिया में 2,92,410, पथरदेवा में 3,21,964, रामपुर कारखाना में 3,22,480, भाटपाररानी में 3,10,177, सलेमपुर में 2,91,717 और बरहज में 2,87,874 मतदाता दर्ज किए गए हैं। मतदाता सूची में इतने बड़े बदलाव के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विशेषकर उन विधानसभा क्षेत्रों में, जहां बड़ी संख्या में मतदाता घटे हैं, वहां चुनावी समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक दल अब नई मतदाता सूची के आधार पर अपनी आगामी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
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