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    आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:दिव्यांगकर्मी को प्रभार, छात्र की संदिग्ध मौत के बाद विवाद गहराया

    2 hours ago

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    आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। विश्वविद्यालय की सुरक्षा का प्रभार एक दिव्यांग कर्मी डॉ. विनोद कुमार सिंह को सौंपे जाने के बाद से विवाद लगातार बढ़ रहा है। यह स्थिति 2 अप्रैल को अमरावती छात्रावास में बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र अनिल तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद और गहरा गई है। जानकारी के अनुसार, पूर्व कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. विनोद कुमार सिंह को अनुवांशिक एवं पादप प्रजनन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त किया था। इसके साथ ही उन्हें विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण सुरक्षा विभाग का प्रभारी भी बना दिया गया। इस निर्णय के बाद से ही शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में असंतोष पनपने लगा था। आरोप है कि अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद डॉ. सिंह ने शिक्षण कार्यों की अनदेखी की और अधिकांश समय बाहरी गतिविधियों में बिताने लगे। इसी बीच, 2 अप्रैल को अमरावती छात्रावास में बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र अनिल तिवारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटका मिला। इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय प्रभारी सुरक्षा अधिकारी परिसर में मौजूद नहीं थे। छात्र की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अचानक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्य प्रवेश द्वार पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इससे परिसर स्थित बैंक और डाकघर तक पहुंचने वाले स्थानीय लोगों को लगभग तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। इसके अलावा, सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और पूर्व में एक संविदा विद्युत कर्मी के साथ मारपीट की घटना ने भी विवाद को बढ़ाया है। इस मामले पर वर्तमान प्रभारी कुलपति डॉ. पी. एस. प्रमाणिक ने कहा है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता है, तो परिसर में बढ़ता असंतोष एक बड़े विवाद का रूप ले सकता है।
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