Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    2027 की जीत के लिए तावड़े ने दिए 3 मंत्र:जिलाध्यक्षों को राजनीतिक, सामाजिक, संगठनात्मक विश्लेषण कर देनी होगी रिपोर्ट

    15 hours ago

    2

    0

    गोरखपुर क्षेत्र में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर औपचारिक शुरूआत हो चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े ने बैठकों के जरिए संगठन व जनप्रतिनिधियों में जोश भरा। सबसे बड़ी जिम्मेदारी संगठन के पदाधिकारियों को सौंपी गई है। तावड़े ने 2017 के आधार पर 2027 जीतने के लिए 3 मंत्र दिए हैं। उन्होंने 12 जिलों के जिलाध्यक्षों से कहा कि वे राजनीतिक विश्लेषण, सामाजिक विश्लेषण व संगठनात्मक विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित करें। केवल आंकड़ों पर निर्भर न रहें, विश्लेषण पर जोर देना होगा। तीनों मंत्रों के बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी भी दी। राजनीतिक विश्लेषण का काम अक्टूबर तक पूरा करके इसकी रिपोर्ट देनी होगी। राजनीतिक विश्लेषण में जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखनी होगी। किस पार्टी से कौन मजबूत दावेदार हो सकता है, विपक्षी पार्टी किसे लड़ा सकती है, किसके लड़ने से फायदा भाजपा को होगा, वहां जातिगत समीकरण क्या है? इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि उस क्षेत्र का ऐसा कौन नेता है, जो भाजपा के लिए बेहतर हो सकता है। जिसके आने से चुनाव में फायदा हो सकता है। ऐसे नेताओं के नमा और उनके आने से होने वाले फायदे भी बताने होंगे। यही विश्लेषण बूथ स्तर पर भी करना होगा। जिलाध्यक्षों को अपने जिले में यह भी देखना होगा कि 2017, 2022 और फिर 2024 में विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की क्या स्थिति रही। यदि 2022 के मुकाबले जीत का अंतर घटा हो या हार मिली हो या फिर हार का अंतर बढ़ा हो तो इसका पूरा विश्लेषण करना होगा। गोरखपुर पहुंचते ही काम में जुट गए तावड़े तावड़े ने औपचारिक बैठकों की शुरूआत भले ही अपने प्रवास के दूसरे दिन की हो लेकिन गोरखपुर में आने के साथ ही उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया था। सबसे पहले उन्होंने होटल में कुछ पुराने नेताओं से मुलाकात कर यहां की स्थिति जानी। उसके बाद पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा सदस्य एवं गोरखपुर शहर से 4 बार विधायक रहे डा. राधामोहनदास अग्रवाल के घर पहुंचे। डा. अग्रवाल के घर डाइनिंग टेबल पर गोरखपुर व आसपास के जिलों की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। एक-एक कमियों और खूबियों के बारे में बात हुई। तावड़े यूं तो डा. अग्रवाल के घर डिनर पर गए थे लेकिन इसी बहाने उन्होंने लगातार 20 साल विधायक रहे इस वरिष्ठ भाजपा नेता के अनुभवों का उपयोग भी कर लिया। पदाधिकारियों से कहा-100 काम करो, 1 गिनो बैठक में विनोद तावड़े ने क्षेत्रीय टीम, जिला टीम के पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि काम का दिखावा करने से बात नहीं बनेगी। ऐसा न हो कि कोई 1 काम करे और 100 काम का प्रचार करे। सभी पदाधिकारियों को 100 काम करने हैं तो 1 गिनना है। उन्होंने कहा कि हर पदाधिकारी स्वयं से यह बात सोचे कि चुनाव में मेरा क्या योगदान रहेगा। कार्यकर्ताओं के उस सवाल का जवाब भी उन्होंने दे दिया, जिसे पदाधिकारियों से अक्सर पूछा जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता यह कहता है कि थाने पर उसकी सुनवाई नहीं हो रही तो उससे कहिए कि यदि अखिलेश यादव की सरकार आ गई तो क्या इस स्थिति में रह पाओगे, जैसे आज हो। 12 में से 7 जिलाध्यक्षों से संवाद किया गोरखपुर क्षेत्र के अंतर्गत भाजपा के 12 संगठनात्मक जिले हैं। इनमें से तावड़े ने 7 के साथ संवाद किया। भरी मीटिंग में वे खड़े हुए और अपने यहां की तैयारी बताई। लगभग सभी जिलाध्यक्षों से एक जैसी बात कही। उन्होंने बूथों की संख्या, उनके सापेक्ष बूथ कमेटियों के गठन, उनके सत्यापन, शक्ति केंद्रों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। यह सुनने के बाद प्रदेश प्रभारी ने कहा कि इससे काम नहीं चलेगा, अब विश्लेषण का समय है और उन्होंने अपने 3 मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक विश्लेषण में सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को समझना होगा। कुछ जिलों में गुटबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बचिए। किसी से कोई दिक्कत है तो अकेले में बताइए। कौन से ऐसे संगठन हैं, जिनकी लोगों में पकड़ है। वे किस ओर जा रहे हैं, उनकी आंतरिक बैठकों में, उनके बयानों से क्या इंगित हो रहा है, इसका विश्लेषण करना होगा। इसके साथ ही लोगों से जुड़ाव रखना होगा। संगठनात्मक विश्लेषण के बारे में बताते हुए तावड़े ने कहा कि बूथ से लेकर मंडल और जिले तक के संगठन के हर पदाधिकारी को एक्टिव रखना होगा। इसके साथ ही दूसरे दल क्या कर रहे हैं, इसपर भी ध्यान देना होगा। तावड़े ने जिन जिलाध्यक्षों से संवाद किया, उनमें देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर शहर व गोरखपुर जिला शामिल रहे। जहां सीधी लड़ाई में गुंजाइश न हो, वहां मुकाबला त्रिकोणी बनाने का प्रयास हो बैठक में बताया गया कि ऐसे विधानसभा क्षेत्र जहां सीधी लड़ाई में जीत की गुंजाइश न दिख रही हो, प्रयास रहे कि वहां त्रिकोणी मुकाबला हो। इस दिशा में स्थानीय स्तर पर सोचना होगा। बैठक में इस ओर इशारा किया गया कि सपा की स्थिति पिछली बार से मजबूत रहने वाली है। एक अंदाज लगाया जा रहा है कि सपा 30 प्रतिशत से ऊपर लड़ाई शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया टीम को पूरी तरह एक्टिव रखें। हर अफवाह व भ्रामक सूचनाओं का त्वरित गति से तथ्यात्मक जवाब दिया जाए। युवा मतदाताओं पर फोकस करने को भी कहा गया। बैठक में यह भी कहा गया कि ब्राह्मण, सैंथवार व निषाद वोटरों पर फोकस करना है। यादवों के आतंक की याद दिलानी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पश्चिमी यूपी में नितिन नबीन बनाएंगे 2027 की चुनावी रणनीति:मेरठ में 4800 बूथ संयोजकों से संवाद, युवा-किसान और जातीय समीकरणों पर लेंगे फीडबैक
    Next Article
    गोरखपुर में तावड़े से विधायकों ने बताई अपनी 'मजबूरी':UGC और UPI को लेकर जताई चिंता, बोले- अधिकारी सिफारिश नहीं सुनते

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment