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    रामभद्राचार्य बोले- आशुतोष महाराज का आपराधिक इतिहास जानकर कांप रहा:आशुतोष ने कहा था- जगद्गुरु की हत्या हो सकती है, मेरे पास सबूत

    11 hours ago

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    तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के बयान पर पलटवार किया है। सोमवार को उन्होंने वीडियो जारी कर कहा- आशुतोष ब्रह्मचारी मेरी और मेरे उत्तराधिकारी की छवि खराब करना चाहता है। वह साजिश रच रहा है। मुझे उसका आपराधिक इतिहास जानकर डर लगने लगा है, मैं कांप रहा हूं। इससे पहले, आशुतोष महाराज ने सोमवार को फेसबुक पर वीडियो जारी कर कहा था कि अगर मेरे पूज्य गुरुदेव जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की हत्या होती है, तो उसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी, जो उनका उत्तराधिकारी बना बैठा है। वह मेरे गुरु की हत्या कराना चाहता है। मेरे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं। आशुतोष महाराज वही हैं, जिन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर 2 बटुकों से यौन शोषण का केस दर्ज कराया था। आशुतोष महाराज पर 21 केस दर्ज हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले- आशुतोष से डर लगने लगा है जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि आज मन को बहुत आघात लगा है। मैं देश-विदेश में कथा करता हूं। आचार्य धर्म निभाने का प्रयास करता हूं। आशुतोष ब्रह्मचारी के बयानों से मुझे आशंका हुई है कि कहीं कोई साजिश तो नहीं रची जा रही। यह उनकी और उनके उत्तराधिकारी की छवि नष्ट करने का प्रयास हो सकता है। मुझे आशुतोष से डर लगने लगा है। आशुतोष महाराज के शिष्य होने के दावे पर उन्होंने कहा कि मैं अनेक स्थानों पर कथा करने जाता हूं, संभव है कि कहीं आकर आशुतोष ने दीक्षा ले ली हो। मुझे यह पता नहीं था कि उसका मन ऐसा होगा। एक शिष्य द्वारा गुरु की हत्या की आशंका जताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें, उनके पीठ को और उनके उत्तराधिकारी को खतरा बताया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। उन्होंने कहा- इस तरह की घटना की निंदा होनी चाहिए। वह प्रशासन से भी जांच कराने को कहेंगे, जो संवैधानिक रूप से उचित होगा, वही किया जाए। आशुतोष महाराज ने रामचंद्र दास को फ्रॉड कहा था आशुतोष महाराज ने आरोप लगाते हुए कहा था कि मैं पीएम मोदी, सीएम योगी और प्रशासन से मांग करता हूं कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज का जो उत्तराधिकारी बनकर बैठा है, वह रामचंद्र दास मेरे गुरु की हत्या कराना चाहता है। अगर इसकी जांच हो जाए, तो यह साबित हो जाएगा। इस व्यक्ति ने पहले छोटे-छोटे बच्चों के साथ कुकर्म किया था। कुछ अधिकारियों ने उसे बचा लिया। मेरे पूज्य गुरुजी का आशीर्वाद उस पर था, इसलिए वह बच गया। लेकिन, कुकर्मी कोई भी हो, मैंने पहले ही चुनौती दी है कि जो भी बटुकों के साथ कुकर्म करेगा, उसके पर कार्रवाई कराऊंगा। इस व्यक्ति ने बटुकों के साथ नहीं, बल्कि मालिश करने वाले व्यक्ति के साथ कुकर्म किया। रामचंद्र नाम का यह व्यक्ति, जो खुद को बड़ा बताता है, एक फ्रॉड है। उसने मेरे गुरुजी को अपने प्रभाव में ले रखा है। उनके खिलाफ साजिश रच सकता है। मुझे आशंका है कि वह कभी भी मेरे गुरुजी को नुकसान पहुंचा सकता है। ‘गुरु की कथाओं से आने वाले पैसों को गुजरात भेजता है’ आशुतोष महाराज ने कहा था कि रामचंद्र का एक भाई गुजरात में सोने का कारोबार करता है। गुरुजी की कथाओं और अन्य स्रोतों से जो धन आता है, उसे इकट्ठा कर उसके भाई के पास भेज दिया जाता है। वहां सोने का सामान खरीदकर कारोबार किया जाता है। आज मैं सार्वजनिक रूप से इन बातों का खुलासा कर रहा हूं। इसने मथुरा में दो आश्रमों पर अवैध कब्जा कर रखा है। दोनों आश्रमों से जुड़े मामलों में फर्जी वसीयत तैयार की गई है। इसके अलावा, बाबा गोपी दास जी महाराज के साथ भी इसने गलत व्यवहार किया और उन्हें पिटवाने का काम किया। वह पहले अपने घर से ही सुधार की शुरुआत करेंगे। इसी कारण वह अपनी प्रस्तावित ‘सनातन न्याय यात्रा’ को फिलहाल स्थगित कर रहे हैं। रामचंद्र को कानून के दायरे में लाने का प्रयास करेंगे। सनातन धर्म के हित में, चाहे वह सगा भाई हो या गुरु-भाई, अगर कोई गलत करेगा तो उसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य प यौन शोषण का आरोप लगाया था; जानिए प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बटुकों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 25 मार्च को शंकराचार्य और मुकुंदानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद आशुतोष महाराज ने फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें- 'भारतीय संस्कृति में वाइफ नहीं, धर्मपत्नी है':लखनऊ में रामभद्राचार्य बोले- महिलाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है रामभद्राचार्य महाराज ने सोमवार को लखनऊ में कहा- भारतीय संस्कृति में पत्नी सिर्फ जीवनसाथी नहीं होती, बल्कि धर्म निभाने वाली साथी मानी जाती है। मां का स्थान बहुत ऊंचा होता है और उसे पिता से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। इस कथा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं और उनके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। पढ़िए पूरी खबर
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