Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जिनपिंग को देखते ही उछल पड़े किम जोंग, प्योंगयांग में वार्ता

    12 hours ago

    1

    0

    नॉर्थ कोरिया की राजधानी पियंगयांग में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दरअसल चीन के राष्ट्रपति शी जिमपिंग के स्वागत में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंगुन खुद एयरपोर्ट पहुंचे। उनके साथ वहां उनकी पत्नी भी मौजूद थी। जैसे ही जिमपिंग का विमान रनवे पर पहुंचता है। किम जोंग उन मुस्कुराते हुए उनका इंतजार करते नजर आते हैं। विमान से उतरने के बाद दोनों नेताओं ने गर्मजशी से हाथ मिलाया और फिर एक साथ स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। उत्तर कोरिया की ओर से किया गया यह स्वागत साफ संकेत देता है कि पोंगयांग अभी बीजिंग को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक साझेदार मानता है। इसे भी पढ़ें: विदेश दौरों से परहेज करने वाले Xi Jinping अचानक North Korea क्यों जा रहे?दरअसल पिछले 7 साल में यह पहला मौका है जब कोई चीनी राष्ट्रपति उत्तर कोरिया पहुंचा हो। इसलिए यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट समारोह के बाद शी जिमपिंग को पंग्यांग के मुख्य चौक पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता शुरू हुई। माना जा रहा है कि बातचीत में आर्थिक सहयोग, रक्षा संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। इस मुलाकात की टाइमिंग भी काफी बड़ी मानी जा रही है। हाल के सालों में उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने रिश्ते काफी मजबूत किए। यूक्रेन युद्ध के दौरान पियोयांग ने मॉस्को को सैनिक और हथियार उपलब्ध कराए। जिसके बदले रूस से आर्थिक और सैन्य सहयोग मिला। इसके बाद ही यह चर्चा शुरू हो गई थी कि कहीं उत्तर कोरिया धीरे-धीरे चीन से ज्यादा रूस के करीब तो नहीं जा रहा। ऐसे में जिनपिंग की यह यात्रा एक तरह से चीन की शक्ति और प्रभाव का प्रदर्शन भी मानी जा रही है। इसे भी पढ़ें: China-North Korea Relations: 7 साल बाद उत्तर कोरिया पहुंचे, दुनिया में बढ़ी हलचल... क्या बदलेगा एशिया का पावर गेम?बीजिंग यह दिखाना चाहता है कि उत्तर कोरिया पर उसका प्रभाव अभी भी बरकरार है और क्षेत्रीय राजनीति में उसकी भूमिका सबसे अहम बनी हुई है। चीन इस दौरे के दौरान उत्तर कोरिया को आर्थिक राहत देने के लिए बड़े पैकेज का ऐलान कर सकता है। इसमें खाद्य सहायता, पर्यटन और कई संयुक्त विकास परियोजनाएं शामिल हो सकती। लंबे समय से प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे उत्तर कोरिया के लिए यह मदद बेहद बड़ी हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ इस यात्रा को अमेरिका के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हाल ही में शेज जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन से मुलाकात की थी। ऐसे में पोंगयांग पहुंचकर उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की है कि एशिया की राजनीति में चीन की पकड़ मजबूत है और उत्तर कोरिया उसके सबसे भरोसेमंद साझेदारों में से एक बना हुआ है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    भारतीय सवार जहाज पर हमला, भारी एक्शन शुरू
    Next Article
    Pakistan के PM Shahbaz Sharif का बड़ा बयान, Iran-Israel में Ceasefire अंतिम लक्ष्य के करीब

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment