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    'अभी हाफ हुए, टिकट नहीं मिला तो साफ हो जाएंगे':अखिलेश यादव का मंत्री नंदी पर तंज, कल एक्सप्रेस-वे वाला विभाग छिना था

    8 hours ago

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    सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ का कद घटने पर तंज कसा। उन्होंने मंगलवार को X पर लिखा- अभी हाफ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ हो जाएंगे। जब सारे घटिया एक्सप्रेस-वे बन गए और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया, तब हटाया तो क्या हटाया? इससे पहले, सोमवार को यूपी सरकार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्री नंदी से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की जिम्मेदारी वापस ले ली थी। अब एक्सप्रेस-वे के निर्माण और विकास से जुड़ी सभी जिम्मेदारी सीधे सीएम योगी संभालेंगे। इसके लिए यूपीडा को औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास विभाग से जोड़ दिया गया है। अभी तक यूपीडा से जुड़ी परियोजनाओं, बजट और मंजूरी से संबंधित फाइलें औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' के जरिए आगे बढ़ती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ये फाइलें सीधे मुख्यमंत्री ऑफिस से क्लियर की जाएंगी। जानिए अखिलेश यादव ने क्या कहा… अखिलेश ने लिखा- सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है, क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई। यही फॉर्मूला यूपी की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है, जहां इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी। बाकी उन 9-10 सीटों पर भी जहां भाजपा हेरफेर करके सर्टिफिकेट से जीती थी, वोट से नहीं। इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक खुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं, क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गए हैं। सपा प्रमुख ने लिखा- भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई खर्च नहीं करना चाहते हैं, बल्कि बाकी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं। उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और फिर कभी नहीं आएगी। सरकार ने क्यों किया बदलाव? 2007 में बना था यूपीडा यूपीडा का गठन 27 दिसंबर, 2007 को राज्य में एक्सप्रेस-वे बनाने और औद्योगिक गलियारों के विकास के लिए किया गया था। बाद के सालों में इसकी भूमिका मुख्य रूप से एक्सप्रेस-वे और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण तक केंद्रित हो गई। नंदी ने पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ भी मोर्चा खोला नंद गोपाल नंदी ने पिछले साल तत्कालीन मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने दिल्ली तक शिकायत कर उन्हें सेवा विस्तार नहीं देने की पैरवी की थी। भारत सरकार ने मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं दिया था। लेकिन, सीएम योगी ने उन्हें ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। नंदी से 5 दिन पहले छिना था बांदा के प्रभारी मंत्री का पद योगी सरकार ने करीब 5 दिन पहले प्रभारी मंत्रियों के जिलों में बड़ा फेरबदल किया था। इस दौरान बांदा जिले के प्रभारी मंत्री भी बदल थे। दिनेश प्रताप सिंह को बांदा जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया था। इसके पहले तक बांदा जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' थे। जिनको हटा दिया गया था। अब जानिए मंत्री नंदी के बारे में ------------------------ ये खबर भी पढ़िए सुभासपा के 44 सीटों पर दावेदार तय:भाजपा की 8, निषाद पार्टी की 2 सीटों पर भी दावा; 5 सीटों पर ओपी राजभर ने बढ़ाई टेंशन यूपी विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की चर्चा के बीच राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछली बार सपा के साथ 19 सीटों पर चुनाव लड़ चुकी सुभासपा 2027 में 44 सीटों पर लड़ने की तैयारी में है। इनमें 8 पर अभी भाजपा के विधायक हैं। 2 सीटें ऐसी हैं, जहां पिछली बार निषाद पार्टी के प्रत्याशी चुनाव में उतरे थे। यूपी सरकार में मंत्री दारा सिंह चौहान की घोसी और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की मधुबन सीट पर भी ओपी राजभर ने दावेदार तय किए हैं। पूरी खबर पढ़िए
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